सऊदी अरब: महिलाओं के लिए सबसे सख्त कानूनों के लिए पहचाना जाने वाला देश सऊदी अरब लगातार महिलाओं के लिए पाबंदियों में ढील दे रहा है. कार चलाने की अनुमति मिलने के बाद अब यहां की महिलाओं को हथियार चलाने की भी अनुमति मिल जाएगी. सऊदी सरकार ने अब महिलाओं को सेना में भर्ती होने की इजाजत दे दी है. सऊदी मीडिया के अनुसार रविवार को जन सुरक्षा निदेशालय की ओर से यह भर्ती खोल दी गई. रिपोर्ट के अनुसार इन महिलाओं को मदीना, मक्का, रियाद, अल-बहा व कासिम आदि जगहों पर तैनात किया जाएगा.

 ड्राइविंग और फुटबाॅल मैच खेलने की भी मिली इजाजत

बता दें कि इससे पहले यहां की महिलाओं को ड्राइविंग करने और फुटबॉल मैच देखने की इजाजत मिली थी. इसके बाद उन्हें बिना अपने पति या पुरुष रिश्तेदार से अनुमति के अपनी मर्जी से कारोबार शुरू करने की इजाजत भी दी गई.

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25-30 के बीच होनी चाहिए उम्र

सेना में भर्ती होने के लिए महिलाओं को सऊदी का मूल निवासी होना आवश्यक है. इसकी हाथ की भर्ती को लेकर उम्र-सीमा भी तय की गई है. महिलाओं की उम्र 25 से 30 साल के बीच होनी चाहिए.  हाई स्कूल तक की शिक्षा ली हो और कम से कम 155 सेमी ऊंचाई हो. इसके साथ-साथ मेडिकल टेस्ट में भी पास करना होगा.  गैर सऊदी नागरिक से शादी करने वाली, क्रिमिनल रिकॉर्ड वाली और पिछली सरकार के साथ काम करने वाली महिलाएं आवेदन नहीं कर सकती हैं. सऊदी में विजन 2030 सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान मे लॉन्च किया है.

सऊदी में महिलाओं के लिए हैं ये सख्त नियम
सऊदी में गार्जियनशिप सिस्टम काफी मजबूत है. इसके मायने हैं कि कोई भी महिला बगैर पति, भाई या पिता की इजाजत के बगैर किसी सरकारी पेपर पर साइन नहीं कर सकती है. इतनी ही नहीं, सऊदी अरब में महिलाओं को अकेले ट्रैवल करने या किसी क्लास में एडमिशन लेने के लिए भी किसी पुरुष की इजाजत लेनी पड़ती है. अभी तक सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था पूरी तरह कच्चे तेल के उत्पादन पर टिकी है. अब वहां की सरकार देश में प्राइवेट सेक्टर को बढ़ावा देना चाहती है. इस योजना में वहां की सरकार महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ाना चाहती है.