Second Wave of Coronavirus in Europe: भारत में कोरोना वायरस से संक्रमण के लगातार हो रहे आंकड़ों के बीच यूरोप की स्थिति एक बार फिर बिगड़ने लगी है. इन देशों में दूसरे दौर में कोरोना और खतरानाक रूप में सामने आया है. इस कारण यूरोप के एक सबसे अहम देश फ्रांस ने तो बकायदा कल यानी शुक्रवार से राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा कर दी है. दूसरे दौर (Second Wave of Coronavirus) में यह पहले की तुलना में तुलना ज्यादा खतरनाक रूप में देखने को मिल रहा है.

ब्रिटिश अखबार द टेलीग्राफ के मुताबिक संक्रमण के मामलों में अचानक आई तेजी को देखते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएनल मैक्रोन (Emmanuel Macron) ने आदेश जारी कर सभी गौर जरूरी दुकानों को बंद करने को कहा है. इसमें गैर जरूरी दुकानों के साथ बार और रेस्टोरेंट्स (France goes into second Covid lockdown) को भी बंद करने को कहा गया है. लोगों को घरों में रहने को कहा है. केवल उन्हीं लोगों को घर से बाहर निकलने की अनुमति होगी जिनके पास जरूरी काम होने के वैध दस्तावेज होंगे.

इसके अलावे ब्रिटेन से भी लोगों के फ्रांस में एंट्री पर बैन लगा दिया गया है. केवल उन्होंने लोगों को फ्रांस आने की अनुमति होगी जिनके पास सरकारी की ओर से यात्रा को जरूरी बताने वाले दस्तावेज होंगे.

राष्ट्रपति मैक्रोन ने कहा कि यह वायरस बेहद तेजी से फैल रहा है. इस तेजी के बारे में किसी ने कोई अनुमान नहीं लगाया था. हमारे सभी पड़ोसी देशों की तरह हम भी अचानक से एक बार फिर इस वायरस की चपेट में आ गए हैं.

जर्मनी ने भी एक बार फिर राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन (Germany goes into second Covid lockdown) लगा दिया है. हालांकि फ्रांस और जर्मनी में ब्रिटेन की तुलना में प्रति दिन कोरोना से होने वाली मौत की संख्या कम है.

दूसरे दौर के लॉकडाउन की वजह से यूरोप के अर्थव्यवस्था में एक बार फिर भूचाल आ गया है. लॉकडाउन की खबरों की वजह से बुधवार को ब्रिटेन का FTSE 100 सूचकांक 2.6 फीसदी लढ़क गया. यूरोप के शेयर बाजारों में भी कोहराम मचा हुआ है.

उधर ब्रिटेन में प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) ने देश में कोरोना के कारण लगाए गए प्रतिबंधों को और कड़ा करने का आदेश दिया है. पिछले बार मार्च में ब्रिटेन में लॉकडाउन लगाने में देरी करने का आरोप झेल रहे प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने हालांकि अभी यह जरूर कहा है कि इस बार अभी लॉकडाउन की जरूरत नहीं है.