वाशिंगटन: अमेरिकी सीनेट ने प्रेसिडेंट ट्रंप को बड़ा झटका देते हुए सीरिया और अफगानिस्तान से सैनिकों को वापस बुलाने के उनके फैसले के खिलाफ भारी बहुमत से एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया है. इस प्रस्ताव के पक्ष में ट्रंप की अपनी रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों ने भी मतदान किया जो राजनीतिक दल के भीतर के मतभेदों को स्पष्ट करता है. ख़ुफ़िया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन मुल्कों में अभी भी जेहादियों का गंभीर खतरा बना हुआ. सैनिकों की वापसी के ट्रंप के प्रस्ताव की वैश्विक आलोचना भी हुई थी. नाटो देशों ने भी अमेरिका के इस प्रस्ताव पर नाराजगी जाहिर की थी.

सीरिया से अमेरिकी सेना की वापसी के आदेश, मैक्रों ने अमेरिका की विश्वसनीयता पर उठाए सवाल

 


सीनेट में रिपब्लिकन नेता मिच मैककॉनेल ने प्रस्ताव को सदन के पटल पर रखा. उन्होंने पिछले सप्ताह कहा था कि इस प्रस्ताव में ‘‘उस स्पष्ट तथ्य को स्वीकार किया जाएगा कि सीरिया और अफगानिस्तान में अल-कायदा, आईएसआईएस और उनसे सम्बद्ध संगठन हमारे राष्ट्र के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं.’ प्रस्ताव भारी बहुमत से पारित हुआ. प्रस्ताव के पक्ष में 70 मत पड़े जबकि विरोध में 26 मत पड़े. सदन के 53 रिपब्लिकन सीनेटरों में से केवल तीन ने ही इसका विरोध किया. अंतत: इस संशोधन को दक्षिण-पश्चिम एशिया को लेकर एक व्यापक सुरक्षा कानून में समाविष्ट कर दिया जाएगा.

अफगानिस्तान-अमेरिका के नए डेवलमेंट से भारत पर पड़ेगा ये असर, अरबों का निवेश अधर में

जिहादी समूह अभी भी गंभीर खतरा
प्रस्ताव के अनुसार, दोनों में से किसी भी देश से सेना को वापस बुलाने पर हम बड़ी मुश्किल से हाथ आयी सफलता गवां सकते हैं और अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को भी खतरे में डाल सकते हैं. दिसंबर में, ट्रंप ने ट्वीट कर अमेरिका के 2 हजार सैनिकों को सीरिया से वापस बुलाने की योजना बताई थी, जिसमें तर्क दिया गया था कि इस्लामिक स्टेट समूह पर जीत हासिल कर ली गई है. हालांकि, पिछले हफ्ते अमेरिकी खुफिया प्रमुखों ने सूचना दी थी कि ये जिहादी समूह अभी भी एक गंभीर खतरा बने हुए हैं और अपना पांव पसारने की फिराक में हैं. गौरतलब है कि डेमोक्रेट्स के साथ ही कई प्रमुख रिपब्लिकन सीनेटर भी ट्रंप के इस कदम की आलोचना करते रहे हैं.

सीरिया पर ट्रंप ने कहा, हमने ‘ISIS’ को हरा दिया, अमेरिकी सैनिकों को घर बुलाने का वक्त आ गया