अक्सर भारत में नौकरी के लिए लोगों के फेक डॉक्यूमेंट्स बनाने की खबरें सामने आती हैं. लेकिन अमेरिका जैसे देश में भी यह हो सकता है ये काफी चौंकाने वाला है. अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस जैसी जगह में फेक डॉक्यूमेंट्स दिखाकर नौकरी लेने का मामला सामने आया है. दरअसल, मिना चैंग नाम की एक महिला ने फेक रिज्यूमे बनाकर व्हाइट हाउस में नौकरी पाई है.

35 वर्षीय मिना चैंग ट्रंप प्रशासन में वरिष्ठ अधिकारी के तौर पर कार्यरत हैं, जिसपर अपना गलत रिज्यूमे बनाने का आरोप लगा है. साथ ही रिज्यूमे में पढ़ाई, नौकरी से जुड़ी झूठी बातें लिखे जाने की बात सामने आई है. NBC न्यूज के मुताबिक, महिला अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ब्यूरो के कॉन्फिल्क्ट एंड स्टेबिलिटी ऑपरेशन में डिप्टी असिस्टेंट सेक्रेटरी हैं. महिला ने अपने रिज्यूमे में कई ऐसी बातें लिखी हैं जो बिल्कुल झूठी हैं. महिला के रिज्यूमे की बात की जाए तो उसमें लिखा हुआ है कि उन्होंने हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से ग्रेजुएशन किया है, जो कि पूरी तरह झूठ है. इसके साथ ही महिला ने एक और झूठ बोला कि उसने डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन दोनों ही राष्ट्रीय सम्मेलनों को संबोधित किया है.

एनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक प्रशासन महिला का नाम किसी दूसरी सरकारी नौकरी के लिए चुनने पर विचार कर रहा था लेकिन इससे पहले ही कांग्रेस ने फेक रिज्यूमे पर उन्हें घेर लिया. साल 2017 में नॉन प्रॉफिट वेबसाइट पर एक वीडियो पोस्ट किया गया था. एनबीसी न्यूज के मुताबिक, महिला ने लोगों को गुमराह करने के लिए टाइम मैग्जीन के कवर पर फेक तरीके से अपनी फोटो लगाई हुई थी.

इस पर एक साक्षात्कारकर्ता ने उनसे इस कवर फोटो के बारे में बताने को कहा. जिस पर महिला ने बताया कि उनका संगठन आपदा प्रभावित इलाकों में ड्रोन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है ताकि लोगों की मदद की जा सके. इसके आगे उन्होंने कुछ भी नहीं बताया. इंटरव्यू खत्म होने के बाद साक्षात्कारकर्ता ने बताया कि अपने काम को शोऑफ करने के लिए महिला ने ये हरकत की है.

आपको बता दें कि बीते साल वॉशिंग्टन पोस्ट ने एक स्टोरी की थी जिसमें ट्रंप कैम्पेन में काम करने वाले 24 साल के लड़के को व्हाइट हाउस ड्रग पॉलिसी ऑफिस में लीड रोल के लिए चुना गया था. बाद में, वॉशिंग्टन पोस्ट की ओर से उसकी क्वॉलिफिकेशन पर सवाल उठाने के बाद उसे निकाल दिया गया था.