इस्लामाबाद। शाहिद खाक़ान अब्बासी पाकिस्तान के 18वें प्रधानमंत्री चुने गए हैं. अब्बासी को अंतरिंम प्रधानमंत्री बनाया गया है. उनका कार्यकाल 45 दिनों का होगा. इस दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ एक उपचुनाव के जरिए सांसद चुने जाएंगे. सांसद चुने जाने के बाद शहबाज प्रधानमंत्री बनेंगे. गौरतलब है कि शहबाज नवाज शरीफ के छोटे भाई है.Also Read - बॉलीवुड एक्टर शाहबाज़ खान पर 19 साल की लड़की से छेड़छाड़ का आरोप, केस दर्ज

विपक्ष में लंबी बात-चीत के बावजूद साझा उम्मीदवार खड़ा करने पर सहमति नहीं बन सकी थी. पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने नवीद करीम को उम्मीदवार और इमरान खान की तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी ने आवामी लीग के शेख रसीद को उम्मीदवार बनाया था. अब्बासी ने पीपीपी के नवीद करीम को हराकर पाकिस्तान के 18वें प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ किया. Also Read - शरीफ के बाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी भी जेल में बीमार पड़े

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59 साल के अब्बासी रावलपिंडी से सांसद हैं. अब्बासी ने कैलिफोर्निया और जार्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. उन्होंने कई साल इसी क्षेत्र में काम भी किया. अपने पिता की एक दुर्घटना में मौत होने के बाद 1988 में उन्होंने अपना राजनीतिक करियर शुरू किया. अब्बासी पाकिस्तान के सबसे धनी सांसदों में से हैं. 2013 से 2017 के बीच अब्बासी नवाज शरीफ सरकार में पेट्रोलियम मंत्री थे.

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शाहिद खाक़ान अब्बासी पर भी भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे हैं और जांच चल रही है. पाकिस्तान का नैशनल अकाऊंटेबिलिटी ब्यूरो (एन.ए.बी.) अब्बासी के गैस (एल.एन.जी.) आयात में हुए 220 अरब रुपए के घोटाले की जांच कर रहा है. 2015 में एन.ए.बी. द्वारा दर्ज मामले में पूर्व पैट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री अब्बासी को मुख्य आरोपी बनाया गया है. अब्बासी से जुड़े एक कथित सेक्स स्कैंडल की पाकिस्तान में खूब चर्चा थी. कहा गया था कि अब्बासी के पीआईए की किसी एयरहोस्टेस के साथ संबंध हैं. हालाकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी.

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बता दें कि नवाज शरीफ को पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने पनामा गेट मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का दोषी ठहराया था. जिसके बाद वो प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिए गए और उन्हें इस्तीफा देना पड़ा. 2016 में जब पनामा पेपर्स लीक में नवाज का नाम आया था, तो पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने 6 सदस्यों की एक जांच कमेटी बनाई थी. उस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी, जिसके बाद 28 जुलाई को पांच जजों की बेंच ने सर्वसम्मति से नवाज को दोषी करार दिया.

By Aditya Dwivedi