देश की मिट्टी पर मरने की ख्वाहिश... दिसंबर में बांग्लादेश लौटेंगी शेख हसीना, कोर्ट में करेंगी सरेंडर

Written By: Anjali Karmakar Updated by: Anjali Karmakar
Updated Date:July 10, 2026 5:07 PM IST

शेख हसीना 2024 में सरकार विरोधी आंदोलन के बाद बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं. तब से वह भारत में ही हैं. हालांकि, उन्हें पब्लिक स्पेस और इवेंट में नहीं देखा जाता है.

  • 2024 के आंदोलन के बाद हसीना को छोड़ना पड़ा था देश
  • भारत में डेढ़ साल से रह रही हैं शेख हसीना
  • मानवता के खिलाफ मामले में मिली है मौत की सजा
  • बांग्लादेश में अभी तारिक रहमान की है सरकार

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना दिसंबर के आखिर तक अपने वतन लौट सकती हैं. हसीना बांग्लादेश में फैली हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता के बाद 5 अगस्त 2024 से भारत में रह रही हैं. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को दिए गए एक इंटरव्यू में शेख हसीना ने अपने देश लौटने की इच्छा जताई. हसीना ने कहा कि वो अपने देश की मिट्टी पर मरना चाहती हैं. इसके लिए अगर उनकी हत्या भी हो जाए, तो कोई परवाह नहीं है. उन्होंने बताया कि वह दिसंबर में भारत से बांग्लादेश लौटेंगी और कोर्ट में सरेंडर करेंगी. शेख हसीना के साथ अवामी लीग के कई सीनियर नेता भी बांग्लादेश लौटकर सरेंडर करेंगे. हालांकि, उन्होंने वापसी की सटीक तारीख नहीं बताई.

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शेख हसीना ने रॉयटर्स को ये इंटरव्यू गुरुवार (9 जुलाई 2026) को दिया. इस दौरान उन्होंने कहा, "लगभग सभी बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं. कई लोग छिपकर रहने को मजबूर हैं. मेरी बांग्लादेश लौटने को लेकर तारिक रहमान सरकार से कोई बातचीत नहीं हुई है. लोकतंत्र, चुनाव, अवामी लीग के राजनीतिक अधिकार और न्याय जैसे मुद्दों पर पर्दे के पीछे बातचीत नहीं हो सकती."

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शेख हसीना पहली बार 23 जून 1996 से 15 जुलाई 2001 तक और दूसरी बार 6 जनवरी 2009 से 5 अगस्त 2024 तक बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं. उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश सरकार उन्हें वापस भेजने के लिए भारत को लगातार चिट्ठी लिख रहा है. हालांकि, उन्हें वापस लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि वो खुद ही जा रही हैं.

बांग्लादेश ने क्या कहा?

फिलहाल शेख हसीना के इस दावे पर बांग्लादेश सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. वहीं, भारत ने भी फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की. हालांकि, भारत ने अप्रैल में कहा था कि वह बांग्लादेश के प्रत्यर्पण अनुरोध पर विचार कर रहा है.

हसीना बोलीं- अगर गलती की है तो फैसला जनता करे

शेख हसीना ने कहा कि उन्हें जेल जाने का डर नहीं है, क्योंकि वह पहले भी कई बार गिरफ्तार हो चुकी हैं. हसीना ने कहा, " सत्ता में लंबे समय तक रहने वाली किसी भी सरकार से गलतियां हो सकती हैं. हो सकता है कि मुझसे भी गलतियां हुई हों, लेकिन उसका फैसला अदालत नहीं, जनता को करना चाहिए."

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शेख हसीना पर गंभीर आरोप

बांग्लादेश के इंटरनेशनल कोर्ट ट्रिब्यूनल (ICT-BD) ने अपने फैसले में शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल को छात्र आंदोलनों पर हुए सरकारी दमन के लिए कई गंभीर आरोपों में दोषी ठहराया है. अदालत ने उन्हें हत्या, साजिश और राज्य की मशीनरी के दुरुपयोग जैसे मामलों में अपराधी माना. हसीना को इन मामलों में मौत की सजा सुनाई गई ह. हसीना और असदुज्जमान खान के साथ-साथ बांग्लादेश के पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को भी मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी पाया गया. हालांकि, सरकारी गवाह बनने के कारण उन्हें हल्की सजा दी गई.

किन 5 मामलों में दोषी पाई गईं शेख हसीना?

  • छात्र आंदोलन के दौरान हत्याओं का आदेश देना.
  • भड़काऊ भाषण देकर हिंसा कराना.
  • न्याय में बाधा डालना/ सबूत मिटाने की कोशिश.
  • छात्र अबु सईद की हत्या का आदेश देना.
  • चांखारपुल में 5 लोगों की हत्या कराना और उनकी लाशें जलाना.
  • शेख हसीना पहले, दूसरे और तीसरे केस में दोषी पाई गईं हैं.

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अब पूरा मामला इस पर अटका है कि भारत हसीना को शरण देगा या प्रत्यर्पण समझौते के तहत उन्हें बांग्लादेश के हवाले करेगा.

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