वॉशिंगटन: अमेरिका (US) के राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) ने बुधवार को कहा कि वह अफगानिस्तान (Afghanistan) में तब तक सैनिकों को रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जब तक प्रत्येक अमेरिकी नागरिक को सुरक्षित बाहर नहीं निकाल लिया जाता, भले ही इसके लिए 31 अगस्त के बाद भी वहां सेना मौजूद रहे. बाइडन ने अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना को वापस बुलाने के लिए 31 अगस्त की समयसीमा तय की थी. काबुल में अमेरिका की तालिबान (Taliban) कमांडरों से बातीत चल रही है.Also Read - UNGA के 76वें सत्र को आज संबोधित करेंगे पीएम मोदी, वंदे मातरम-भारत माता की जय से गूंजा न्यूयॉर्क, देखें वीडियो

बता दें क‍ि काबुल एयरपोर्ट पर करीब 4,500 अमेरिकी सैनिक हैं, जो विदेश मंत्रालय के लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के अभियान के लिए सुरक्षा दे रहे हैं. अमेरिकी सेना के वरिष्ठ अधिकारी काबुल में जांच चौकियों और कर्फ्यू को लेकर तालिबानी कमांडरों से बात कर रहे हैं, जिसके कारण कई अमेरिकी और अफगान नागरिक हवाईअड्डे में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं.  तालिबान के गत सप्ताहांत अफगानिस्तान की सत्ता पर कब्जा जमाने के बाद वहां 15,000 अमेरिकी फंसे हुए थे, पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कल बताया कि 24 घंटों में 325 अमेरिकी नागरिकों समेत करीब 2,000 लोग अमेरिकी वायु सेना के सी-17 विमानों की 18 उड़ानों से विदेश रवाना हो गए. Also Read - जो बाइडन ने PM मोदी से कहा- भारत को सुरक्षा परिषद का स्‍थाई सदस्‍य होना चाहिए, आतंकवाद और तालिबान पर कहीं ये बात

नागरिकों को सुरक्षित निकालने में हर संभव कदम उठाएगा अमेरिका
जो बाइडन ने उन आलोचनाओं का भी जवाब दिया कि अमेरिका को नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने और सैनिकों की वापसी के लिए और काम करना चाहिए था. ‘एबीसी न्यूज’ को दिए एक इंटरव्‍यू में बाइडन ने कहा कि अमेरिका ”समयसीमा खत्म होने से पहले अफगानिस्तान से अमेरिकियों और अमेरिका के सहयोगियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव कदम उठाएगा.” Also Read - PM मोदी- जो बाइडन के बीच पहली द्विपक्षीय बैठक, हिंद-प्रशांत, जलवायु और कोविड समेत इन मुद्दों पर चर्चा; खास बातें...

अमेरिकी नागरिकों को निकालने तक रुकेंगे सैनिक
यह पूछे जाने पर कि 31 अगस्त के बाद अफगानिस्तान से अमेरिकी नागरिकों को बाहर निकालने में प्रशासन कैसे मदद करेगा, इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ”अगर कोई अमेरिकी नागरिक वहां रह जाता है, तो हम तब तक वहां रुकेंगे, जबकि उन्हें बाहर न निकाल लें.” तालिबान के गत सप्ताहांत अफगानिस्तान की सत्ता पर कब्जा जमाने के बाद वहां 15,000 अमेरिकी फंसे हुए हैं.

अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा- मेरे पास अभी और अभियानों का विस्तार करने की क्षमता नहीं है
रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने बुधवार को कहा कि अमेरिकी सेना के पास काबुल हवाईअड्डे को सुरक्षित करने और राजधानी में बाकी जगहों पर जोखिम परिस्थितियों में रह रहे अफगान नागरिकों को बाहर निकालने के अपने मौजूदा अभियान का विस्तार करने के लिए अफगानिस्तान में बल और हथियार नहीं हैं. तालिबान की जांच चौकियों पर देश से बाहर जाने वाले कुछ लोगों को रोके जाने की खबरों के बीच यह पूछे जाने पर कि 31 अगस्त से पहले जो लोग देश छोड़ना चाहते हैं क्या उन्हें बाहर निकाला जाएगा. इस पर ऑस्टिन ने कहा, मेरे पास अभी काबुल जाने और अभियानों का विस्तार करने की क्षमता नहीं है.

विदेश मंत्रालय लोगों को बाहर निकालने की प्रक्रिया तेज, काबुल एयरपोर्ट पर फोकस
रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने बताया कि विदेश मंत्रालय लोगों को बाहर निकालने की प्रक्रिया तेज करने के लिए दूतावास संबंधी मामलों के और अधिकारियों को भेज रहा है. उन्होंने कहा कि उनका मुख्य ध्यान हवाईअड्डे पर है, जो कई खतरों का सामना कर रहा है और उसकी निगरानी की जानी चाहिए.

तालिबान कमांडर से बातचीत, काबुल एयरपोर्ट पर करीब 4,500 अमेरिकी सैनिक
रक्षा मंत्री ने बताया कि लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए तालिबान से बातचीत चल रही है. उन्होंने बताया कि काबुल एयरपोर्ट पर करीब 4,500 अमेरिकी सैनिक हैं, जो विदेश मंत्रालय के लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के अभियान के लिए सुरक्षा दे रहे हैं. अमेरिकी सेना के वरिष्ठ अधिकारी काबुल में जांच चौकियों और कर्फ्यू को लेकर तालिबानी कमांडरों से बात कर रहे हैं, जिसके कारण कई अमेरिकी और अफगान नागरिक हवाईअड्डे में प्रवेश नहीं कर पाए.

24 घंटों में 325 अमेरिकी नागरिकों समेत करीब 2,000 लोग सी-17 विमानों की 18 उड़ानों से रवाना हुए
पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता जॉन किर्बी ने बताया कि 24 घंटों में 325 अमेरिकी नागरिकों समेत करीब 2,000 लोग अमेरिकी वायु सेना के सी-17 विमानों की 18 उड़ानों से विदेश रवाना हो गए. किर्बी ने बताया कि अमेरिका के कई सैकड़ों और सैनिकों के गुरुवार तक हवाईअड्डे पर पहुंचने की संभावना है. विदेश मंत्रालय ने बताया कि वह काबुल में लोगों को बाहर निकालने के अभियान के लिए अफगानिस्तान में अमेरिका पूर्व राजदूत जॉन बास को भेज रहा है.