शिकागो: उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने रविवार को कहा कि कुछ लोग हिंदू शब्द को ‘अछूत’ और ‘असहनीय’ बनाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने हिंदू धर्म के सच्चे मूल्यों के संरक्षण की जरूरत पर जोर दिया ताकि ऐसे विचारों और प्रकृति को बदला जा सके जो ‘गलत सूचनाओं’ पर आधारित है. यहां दूसरी विश्व हिंदू कांग्रेस को संबोधित करते हुए नायडू ने कहा कि भारत सार्वभौमिक सहनशीलता में विश्वास करता है और सभी धर्मों को सच्चा मानता है. हिंदू धर्म के अहम पहलुओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि ‘साझा करना’ और ‘ख्याल रखना’ हिंदू दर्शन के मूल तत्व हैं.

नायडू ने अफसोस जताया कि (हिंदू धर्म के बारे में) काफी गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं. उन्होंने कहा, ‘कुछ लोग हिंदू शब्द को ही अछूत और असहनीय बनाने की कोशिश कर रहे हैं. लिहाजा, व्यक्ति को विचारों को सही परिप्रेक्ष्य में देखकर प्रस्तुत करना चाहिए ताकि दुनिया के सामने सबसे प्रामाणिक परिप्रेक्ष्य पेश हो पाए.’

वेंकैया नायडू ने कहा कि पिछले चार साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारत ने तेजी से और जबरदस्त प्रगति की है और पूरा विश्व अब भारत की तरफ देख रहा है. नायडू ने कहा, ‘पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था धीमी हो गई हैं. ऐसे में केवल भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है. सैंकड़ो तेलुगु अमेरिकी लोगों के समूह को शनिवार को संबोधित करते हुए नायडू ने एशियाई विकास बैंक, विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) जैसे विभिन्न वैश्विक आर्थिक संस्थानों के ताजा विकास के आंकड़ों और तथ्यों का उल्लेख किया.

तेलुगु में अपने संबोधन में नायडू ने कहा, ‘पूरी दुनिया इस वक्त भारत की तरफ देख रही है.’ उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘हाल में जब तक मैं शहरी विकास मंत्री था तब 35 से 40 प्रतिनिधि मुझसे मिले थे. वे सभी भारत में निवेश करना चाहते थे. गैर सरकारी दौरे पर शिकागो आये नायडू ने तेलुगु प्रवासियों की बैठक को संबोधित किया और यहां चल रहे विश्व हिन्दू कांग्रेस में बीज भाषण दिया. उन्होंने आह्वान किया कि भारत के विकास में तेलुगू समुदाय को सहभागी बनना चाहिए. उन्होंने कहा कि उन्हें तेलुगु अमेरिकी समुदाय की सफलता पर गर्व है.