होर्मुज के रास्ते पर भारत के साथ काम करना चाहता है दक्षिण कोरिया, राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने बताया प्लान

Strait of Hormuz: दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने कहा कि होर्मुज का रास्ता सुरक्षित करने के लिए उनका देश भारत के साथ काम करना चाहता है.

Published date india.com Published: April 20, 2026 1:24 PM IST
होर्मुज के रास्ते पर भारत के साथ काम करना चाहता है दक्षिण कोरिया, राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने बताया प्लान
(photo credit instagram/2_jaemyung, for representation only)

Strait of Hormuz: दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करने के लिए दक्षिण कोरिया और भारत को मिलकर काम करने की जरूरत है. साथ ही ग्लोबल सप्लाई चेन को स्थिर करने के लिए दोनों देशों को साथ आना चाहिए.

योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने सोमवार को छपे एक इंटरव्यू में ये बातें कही हैं. भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी समिट बातचीत से पहले टीओआई को उन्होंने एक इंटरव्यू दिया.

तेल और इंडस्ट्रियल मटीरियल की सप्लाई चेन बाधित

उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे युद्ध और फिर युद्धविराम में भी तनातनी की वजह से जरूरी शिपिंग रूट बंद है. इससे दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ रही हैं. इसके साथ ही जरूरी इंडस्ट्रियल मटीरियल की सप्लाई चेन भी बाधित हो रही है.

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कोरिया और भारत दोनों की समस्या एक है

ली ने कहा, कोरिया गणराज्य और भारत दोनों ही एनर्जी सप्लाई के एक बड़े हिस्से के लिए मिडिल ईस्ट पर निर्भर हैं. इसमें कच्चा तेल और नेचुरल गैस एलएनजी शामिल हैं. इसलिए, जरूरी समुद्री रूट की सुरक्षा सुनिश्चित करना दोनों देशों के लिए बेहद जरूरी है.

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क्या है ली की योजना

राष्ट्रपति ली ने कहा कि दक्षिण कोरिया, रणनीतिक रूट से सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करने और वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितताओं को दूर करने के लिए प्रयास करनेगा. साथ ही एनर्जी सप्लाई चेन में विविधता लाने के लिए मल्टीलेटरल कोशिशों में भारत के साथ मिलकर काम करेगा.

  • कोरिया भारत के साथ करीबी बातचीत बनाए रखेगा
  • सभी जहाज होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरना सुनिश्चित करेगा
  • अंतरराष्ट्रीय फोरम पर भी साथ मिलकर काम करते रहेंगे

जरूरी मिनरल सप्लाई चेन में भी सहयोग की उम्मीद

इम्पोर्टेड एनर्जी और कच्चे माल पर भारी निर्भरता कम करने की कोशिशों के तहत, ली ने जरूरी मिनरल सप्लाई चेन में सहयोग बढ़ाने की उम्मीद जताई. राष्ट्रपति का कहना है कि कोरिया की तकनीक को भारत की माइनिंग और रिफाइनिंग उद्योग के साथ मिलाकर, हम स्थिर जरूरी-मिनरल सप्लाई चेन बना सकते हैं.

राष्ट्रपति ली ने दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को गहरा करने और तालमेल बनाने के लिए एआई, डिफेंस और शिपिंग और शिपबिल्डिंग इंडस्ट्री जैसे स्ट्रेटेजिक सेक्टर में सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया.

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