लंदन: रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी ने ब्रिटेन की एक अदालत में चीन के तीन बैंकों के साथ ऋण समझौते को लेकर जारी विवाद में साक्ष्य देते हुए कहा कि उनके विलासितापूर्ण जीवन के लेकर की जाने वाले बातें सिर्फ अकटलबाजी हैं, क्योंकि उनकी जीवन शैली बेहद अनुशासित है. Also Read - दहेज़ में स्कूटर नहीं मिला तो पति ने पत्नी की Nude Pics की वायरल, स्क्रीनशॉट भेजकर कहा- देखो तो...

अंबानी अदालत से मुंबई से वीडियो कॉन्‍फेंस के जरिए शुक्रवार को रूबरू हुए. एक समय अरबपति रहे अंबानी इस समय मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं. Also Read - Banke Bihari Temple Reopen Today: आज से फिर भक्तों के लिए खुलेगा बांके बिहारी मंदिर, जानें से पहले देखें नए दिशा-निर्देश

अंबानी इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना लिमिटेड (मुंबई शाखा), चाइना डेवलपमेंट बैंक और एक्जिम बैंक ऑफ चाइना द्वारा हासिल किए गए संपत्ति के खुलासे के आदेश पर सुनवाई के लिए हाईकोर्ट के सामने सवाल-जवाब के लिए उपस्थित हुए. Also Read - Good News: ब्रिटेन में इस साल के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगी Covid-19 वैक्‍सीन

आदेश के तहत अंबानी को दुनिया भर में अपनी सभी संपत्तियों का पूरा खुलासा करना जरूरी था. अंबानी ने लंदन की अदालत से कहा, ”मेरी जरूरतें बहुत बड़ी नहीं हैं और मेरी जीवनशैली बेहद अनुशासित है.”

जब इन बैंकों के वकीलों ने अंबानी की लग्जरी कारों और भव्य जीवनशैली का जिक्र किया, तो उस संबंध में पूछे गए सलाव के जवाब में रिलायंस कम्युनिकेशंस के प्रमुख ने इन बातों को अटकलबाजी कहकर खारिज किया.

अनिल अंबानी के प्रवक्ता ने कहा कि उनकी तेजतर्रार और भव्य जीवन शैली की बढ़ा-चढ़ाकर बनाई गई धारणाओं के विपरीत अंबानी हमेशा सरल स्वभाव के व्यक्ति रहे हैं.

अंबानी के वकील ने कहा, ”वह अपने परिवार और कंपनी के लिए समर्पित हैं, एक मैराथन धावक हैं, और अत्यधिक आध्यात्मिक हैं. वह आजीवन शाकाहारी हैं, धूम्रपान नहीं करते हैं और शहर में बाहर जाने के बजाय अपने बच्चों के साथ घर पर रहकर फिल्म देखना पसंद करते हैं. इससे अलग बातें कहने वाली रिपोर्ट पूरी तरह भ्रामक हैं.”

बता दें कि अनिल अंबानी ने तीन चाइनीज बैंकों इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना (आईसीबीसी) की मुंबई शाखा, चाइना डवलपमेंट बैंक और एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक ऑफ चाइना से लोन लिया था, लेकिन वे चुकाने में असमर्थ रहे थे.

22 मई 2020 को लंदन की हाईकोर्ट ने अनिल अंबानी को आदेश दिया था कि वो चीनी बैंकों को 71 करोड़ डॉलर करीब 5281 करोड़ रुपए का भुगतान करें. साथ ही कानूनी खर्च के तौर पर 7.5 लाख पाउंड करीब 7 करोड़ रुपए का भुगतान करें. इसे 12 जून 2020 तक चुक्‍ता किया जाना था, लेकिन नहीं किया जा सका. इसके बाद 15 जून को चीनी बैंकों ने अनिल अंबानी की संपत्तियों का खुलासा करने की मांग को लेकर याचिका दाखिल की थी.

चीनी बैंकों की याचिका पर 29 जून को लंदन की कोर्ट ने अनिल अंबानी को अपनी दुनियाभर में फैली संपत्तियों की घोषणा करने का आदेश दिया था. अनिल अंबानी से उन सभी संपत्तियों की जानकारी देने को कहा गया था जिनमें उनकी पूरी या संयुक्त हिस्सेदारी है. कोर्ट ने उन सभी संपत्तियों की जानकारी मांगी थी, जिनकी कीमत 1 लाख डॉलर से अधिक है.