Sri Lanka Crisis Update: कोई नहीं था तैयार, विपक्षी नेता प्रेमदासा ने राष्ट्रपति गोटबाया को लिखा खत-मैं बनूंगा प्रधानमंत्री

श्रीलंका में गहराते जा रहे आर्थिक संकट के बीच गृहयुद्ध जैसे हालात हैं. प्रधानमंत्री राजपक्षे के इस्तीफा देने के बाद कहा जा रहा था कि कोई भी पीएम बनने के लिए तैयार नहीं था. इस बीच, विपक्षी नेता प्रेमदासा ने राष्ट्रपति गोटबाया को खत लिखा है और कहा है कि-मैं बनूंगा प्रधानमंत्री.

Published date india.com Updated: May 12, 2022 4:09 PM IST
Sri Lanka Crisis Update: कोई नहीं था तैयार, विपक्षी नेता प्रेमदासा ने राष्ट्रपति गोटबाया को लिखा खत-मैं बनूंगा प्रधानमंत्री
premadasa

Sri Lanka Crisis Update: श्रीलंका अभी भीषण आर्थिक संकट से गुजर रहा है. देश में गृहयुद्ध जैसे हालात हैं. सेना लोगों को काबू करने के लिए सड़कों पर उतर आई है. देश में जगह-जगह दंगे हो रहे हैं. जानकारी मिल रही थी कि पीएम राजपक्षे के इस्तीफे के बाद कोई भी पीएम पद ग्रहण करने के लिए तैयार नहीं था. इस बीच,  विपक्ष के नेता, साजिथ प्रेमदासा ने राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को एक खुला पत्र लिखा है कि वह श्रीलंका के प्रधान मंत्री का पद ग्रहण करने के लिए तैयार हैं. इसे लेकर साजिथ वर्तमान में अपने कोलंबो कार्यालय में संसदीय दल के साथ बैठक कर रहे हैं.

राष्ट्रपति गोटबाया ने कहा था-राष्ट्रपति प्रणाली ही खत्म हो जाए

श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने देश के सबसे विकट आर्थिक संकट को लेकर इस्तीफा देने के जनता और विपक्ष के भारी दबाव के बीच बृहस्पतिवार को कहा कि संसद कार्यकारी राष्ट्रपति प्रणाली को समाप्त करने पर विचार करेगी. यह कदम उनकी शक्तियों पर अंकुश लगाएगा. शासन की राष्ट्रपति प्रणाली को खत्म करना और इसके स्थान पर ऐसी व्यवस्था लाना, जो संवैधानिक लोकतंत्र को मजबूत करती है, यह विपक्ष की मुख्य मांगों में से एक रही है.

बता दें कि देश में 1978 से शासन की राष्ट्रपति प्रणाली लागू है. राष्ट्रपति गोटबाया ने सिलसिलेवार ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा कि उनके बड़े भाई और प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के सोमवार को इस्तीफा देने के बाद मौजूदा राजनीतिक गतिरोध खत्म करने के लिए कदम उठाए जाने हैं.

गोटबाया ने ट्वीट किया, ‘‘देश को निरंकुशता से बचाने और देश के कामकाज को जारी रखने के लिए नयी सरकार गठित करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे. संसद में बहुमत हासिल करने वाले और लोगों का विश्वास हासिल कर सकने वाले प्रधानमंत्री को इस सप्ताह के भीतर नियुक्त किया जाएगा.’’

राष्ट्रपति गोटबाया ने कहीं ये बड़ी बातें…

उन्होंने कहा कि नयी सरकार को एक नया कार्यक्रम शुरू करने का अवसर और देश को आगे ले जाने का अधिकार दिया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘‘संसद को और सशक्त करने के लिए 19वें संशोधन की बातों को फिर से लागू करने के लिए संविधान में संशोधन किए जाएंगे.’’ राष्ट्रपति ने एक अन्य ट्वीट किया, ‘‘कार्यकारी राष्ट्रपति प्रणाली को खत्म करने की विभिन्न वर्गों की मांग पर विचार किया जाएगा.

नयी सरकार और देश को स्थिर करने की उसकी क्षमता के साथ, हमारे पास इस पर चर्चा करने और आम सहमति की ओर काम करने का अवसर होगा.’’

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

उन्होंने कहा, ‘‘मैं लोगों की जान और उनकी संपत्ति की रक्षा के लिए सरकारी तंत्र को अबाधित रूप से काम करने में मदद का विनम्र अनुरोध करता हूं.’’ बहरहाल, उन्होंने इस बारे में कोई संकेत नहीं दिया कि क्या उनकी इस्तीफा देने की कोई योजना है, जिसकी सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के साथ ही विपक्ष ने भी मांग की है.

उन्होंने ये ट्वीट ऐसे समय में किए हैं, जब इससे पहले देर रात टेलीविजन पर देश को दिए संबोधन में उन्होंने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था, लेकिन एक नया प्रधानमंत्री और एक युवा मंत्रिमंडल इस सप्ताह नियुक्त करने का वादा किया था.

इस बीच ‘डेली मिरर’ अखबार की खबर के मुताबिक, राष्ट्रपति ने समागी जन बलवेगया (एसजेबी) सांसद और फील्ड मार्शल सरथ फोन्सेका को प्रधानमंत्री पद की पेशकश करने के लिए मुलाकात की है. फोन्सेका ने राष्ट्रपति गोटबाया की अध्यक्षता वाली सरकार में कोई पद स्वीकार करने की खबरों से साफ इनकार करते हुए कहा कि वह ‘गोटागोगामा’ वेबसाइट पर प्रदर्शन कर रहे लोगों से विचार-विमर्श किए बिना राजपक्षे संकट को हल करने में कभी साझेदार नहीं बनेंगे.

लगाया गया कर्फ्यू

श्रीलंका पीपुल्स पार्टी (एसएलपीपी) के 76 वर्षीय नेता महिंदा 2005 से 2015 तक देश के राष्ट्रपति थे और उस दौरान उन्होंने लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) के खिलाफ क्रूर सैन्य अभियान चलाया था. रक्षा मंत्रालय के सचिव कमल गुणरत्ने ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे को त्रिंकोमाली स्थित नौसेना अड्डे पर ले जाया गया है जहां वह सुरक्षा घेरे में हैं.

इस बीच, राष्ट्रपति कार्यालय ने घोषणा की कि हिंसक घटनाओं के बाद लगाया गया देशव्यापी कर्फ्यू बृहस्पतिवार सुबह सात बजे से सात घंटों के लिए हटाया गया और उसे फिर से दोपहर दो बजे लागू किया जाएगा. कर्फ्यू शुक्रवार को सुबह छह बजे तक लागू रहेगा.

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें World Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.