कोलंबो: श्रीलंका के विदेश मंत्री दिनेश गुणवर्धने युद्ध अपराधों पर जवाबदेही से संबंधित 2015 के संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद प्रस्ताव से कोलंबो के बाहर निकलने की बुधवार को अधिकारिक घोषणा करेंगे. वह परिषद के सत्र में अपने संबोधन के दौरान यह ऐलान करेंगे. गुणवर्धने के कार्यालय ने यह जानकारी दी. Also Read - भारत ने अब श्रीलंका के साथ किया एयर बबल समझौता, अब तक 28 देशों के साथ बनी है बात

श्रीलंका ने अपने यहां 2009 तक चले गृहयुद्ध के दौरान कथित मानवाधिकार उल्लंघन की जांच के लिए अमेरिका और ब्रिटेन सहित 11 अन्य देशों के साथ प्रस्ताव को सह-प्रायोजित किया था. Also Read - Sri Lanka vs Bangladesh Test Series: बांग्लादेश की 21 सदस्यीय प्रारंभिक टीम घोषित, 3 नए खिलाड़ियों को मौका

गुणवर्धने जिनेवा में मानव अधिकार परिषद (एचआरसी) के 43वें सत्र में अपने संबोधन के दौरान बुधवार को यह घोषणा करेंगे. Also Read - बड़ी सफलता, भारतीय तटरक्षक बल ने श्रीलंका की नाव से जब्त किए तीन हजार करोड़ के मादक पदार्थ और हथियार

विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि विदेश सचिव रविनाथ आर्यसिन्हा ने सत्र से पहले जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की अध्यक्ष एलिजाबेथ टिची-फिस्लबर्जर को प्रस्ताव से बाहर निकलने के श्रीलंका के फैसले से अवगत करा दिया है.

(इनपुट भाषा)