कोलंबो: श्रीलंका के विदेश मंत्री दिनेश गुणवर्धने युद्ध अपराधों पर जवाबदेही से संबंधित 2015 के संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद प्रस्ताव से कोलंबो के बाहर निकलने की बुधवार को अधिकारिक घोषणा करेंगे. वह परिषद के सत्र में अपने संबोधन के दौरान यह ऐलान करेंगे. गुणवर्धने के कार्यालय ने यह जानकारी दी. Also Read - बल्लेबाजों को चकमा देने के लिए अपनी गुगली को तेज किया : पूनम यादव

श्रीलंका ने अपने यहां 2009 तक चले गृहयुद्ध के दौरान कथित मानवाधिकार उल्लंघन की जांच के लिए अमेरिका और ब्रिटेन सहित 11 अन्य देशों के साथ प्रस्ताव को सह-प्रायोजित किया था. Also Read - श्रीलंका के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए विंडीज टीम में लौटे धमाकेदार ऑलराउंडर आंद्रे रसेल

गुणवर्धने जिनेवा में मानव अधिकार परिषद (एचआरसी) के 43वें सत्र में अपने संबोधन के दौरान बुधवार को यह घोषणा करेंगे. Also Read - श्रीलंका की संसदीय समिति ने रखा बुर्के पर बैन लगाने का प्रस्ताव, आतंकवादी हमलों के चलते उठाया कदम

विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि विदेश सचिव रविनाथ आर्यसिन्हा ने सत्र से पहले जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की अध्यक्ष एलिजाबेथ टिची-फिस्लबर्जर को प्रस्ताव से बाहर निकलने के श्रीलंका के फैसले से अवगत करा दिया है.

(इनपुट भाषा)