कोलंबो: श्रीलंका में सत्ता संघर्ष को खत्म करते हुए राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना द्वारा विवादास्पद कदम उठाने के बाद प्रधानमंत्री बनाए गए महिंदा राजपक्षे ने शनिवार को पद से इस्तीफा दे दिया. रानिल विक्रमसिंघे रविवार को देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट के दो अहम फैसलों के चलते प्रधानमंत्री पद पर बने रहना अवैधानिक हो जाने के बाद श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिन्दा राजपक्षे ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उनके इस्तीफे के साथ ही देश में तकरीबन दो महीने से जारी सत्ता संघर्ष का समापन की उम्मीद है.

दरअसल, उच्चतम न्यायालय के दो अहम फैसलों के कारण राजपक्षे का इस पद पर बने रहना नामुमकिन हो गया था जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया. राजपक्षे समर्थक सांसद शेहन सेमासिंघे ने संवाददाताओं को बताया कि राजपक्षे ने कोलंबो में अपने आवास पर हुए एक कार्यक्रम में त्यागपत्र पर हस्ताक्षर कर दिए. सांसद ने कहा, ‘‘राजपक्षे ने यूनाइटेड पीपुल्स फ्रीडम एलायंस (यूपीएफए) के सांसदों को बताया कि उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया है.’’ उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को सर्वसम्मति से फैसला दिया कि सिरिसेना द्वारा संसद भंग करना ‘‘गैरकानूनी’’ था.

श्रीलंका के विवादास्पद प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे आज देंगे इस्तीफा

साथ ही न्यायालय ने शुक्रवार को राजपक्षे (73) को प्रधानमंत्री का कार्यभार संभालने से रोकने वाले अदालत के आदेश पर रोक लगाने से भी इनकार कर दिया था. विक्रमसिंघे की यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) ने शनिवार को कहा कि सिरिसेना उन्हें पद पर फिर से बहाल करने के लिए राजी हो गए. राष्ट्रपति ने शुक्रवार को उनसे फोन पर बात की थी. यूएनपी के महासचिव अकिला विराज करियावासम ने कहा, ‘‘हमें राष्ट्रपति सचिवालय से पता चला कि हमारे नेता कल सुबह प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे.’’

श्रीलंका का सियासी संकट: संसद में अहम समिति पर राजपक्षे के विरोधियों का कब्जा