बीजिंग: कोरोना वायरस से प्रभावित चीन के वुहान शहर में फंसी एक भारतीय महिला ने स्वयं को स्वदेश ले जाने के लिए भारत सरकार से अपील की है. इस महिला को तेज बुखार की वजह से चीन से नई दिल्ली जाने वाले विशेष विमानों में सवार होने से रोक दिया गया था. मार्च में इस महिला की शादी होना है.

मास्क पहने इस महिला ने कहा, ”हमसे रुकने और उड़ान में सवार न होने को कहा गया. उन्होंने कहा कि हम अगली उड़ान में सवार हो सकते हैं. लेकिन उन्होंने आज दोपहर बाद कहा कि हम कल की शारीरिक जांच की वजह से उस उड़ान में भी नहीं बैठ सकते…हम फंसे हुए हैं.”

वीडियो के बारे में कहा जा रहा है कि यह शनिवार को बनाया गया जब एअर इंडिया की दूसरी उड़ान वुहान से 323 भारतीयों को लेने पहुंची. महिला ने कहा, ”हम यह साबित करने के लिए तैयार हैं कि हमें कोई विषाणु संक्रमण नहीं है, क्योंकि हम में कोई लक्षण नहीं हैं.” उन्होंने कहा कि उनके शरीर का तापमान कोई बहुत ज्यादा नहीं था. ‘‘यह सिर्फ 37.5 डिग्री था, जो उस समय कुछ दबाव में शारीरिक गतिविधि की वजह से था. हम थोड़ा डर गए थे.”

महिला ने कहा, ” हम अपनी सरकार से आग्रह करते हैं कि वह हमें वापस भारत ले जाए और उसके लिए हम यह साबित करने को तैयार हैं कि हमें विषाणु से संबंधित कोई लक्षण नहीं है तथा हम सुरक्षित और स्वस्थ हैं. इसलिए मैं सरकार से हमें वापस भारत ले जाने के लिए आग्रह करती हूं.”

यह महिला उन 10 भारतीयों में शामिल है, जिन्हें भारत सरकार द्वारा शुक्रवार और शनिवार को भेजी गईं एअर इंडिया की दो विशेष उड़ानों में सवार होने से रोक दिया गया था. भारत सरकार द्वारा भेजी गईं एअर इंडिया की इन दो विशेष उड़ानों के जरिए वुहान में फंसे 647 भारतीयों को भारत ले जाया गया था.

अधिकारियों ने यहां कहा कि भारतीय दूतावास उन भारतीयों के संपर्क में हैं, जिन्हें अत्यधिक बुखार की वजह से अन्य भारतीयों के साथ भारत नहीं ले जाया जा सका था. इन लोगों में से एक एनेम ज्योति ने एक वीडियो के जरिए भारत सरकार से अपील करते हुए कहा कि उसे वुहान शहर से निकाला जाए क्योंकि उसके शरीर का तापमान अब सामान्य है और वह यात्रा करने के लिए फिट है.

ज्योति आंध्र प्रदेश के कुर्नूल जिले की निवासी हैं. ज्‍योति ने बताया वह चीन की एक इलेक्ट्रानिक कंपनी में काम करने वाले उन 58 भारतीय कर्मचारियों के समूह का हिस्सा थीं जिन्हें शुक्रवार रात की उड़ान में सवार होना था. अन्य लोग जहां विमान में सवार हो गए, वहीं, उन्हें और उनके कुछ सहकर्मियों को बुखार की वजह से उड़ान में सवार होने से रोक दिया गया.

ज्योति की मां ने कहा कि उनकी बेटी अत्यधिक तनाव में है, क्योंकि उसके मित्रों को भारत लाए जाने के बाद चीन में वह अकेली रह गई है. बुखार की वजह से विमान में सवार होने से रोक दिए गए दो भारतीय छात्रों-बिहार निवासी अजीत और कश्मीर निवासी मंजूर ने भी कहा कि उन्हें अब कोई बुखार नहीं है.

इन दोनों ने भी फोन पर बातचीत में खुद को स्वदेश ले जाने के लिए भारत सरकार से अपील की और कहा कि उनके शरीर का तापमान अब सामान्य है और वे यात्रा करने के लिए फिट हैं.

भारत ने चीन के हुबेई प्रांत के अन्य हिस्सों और वुहान शहर से 647 भारतीयों तथा मालदीव के सात लोगों को निकाला है. इन लोगों को अब 14 दिन के लिए दिल्ली के पास सेना द्वारा संचालित एक विशेष शिविर में रखा गया है.

चीन में भारत के राजदूत विक्रम मिस्री ने कहा कि लगभग 100 भारतीय अब भी हुबेई प्रांत में मौजूद हो सकते हैं. 25 भारतीय ऐसे भी हैं, जिन्होंने भारतीय दूतावास द्वारा उन्हें भारत ले जाने के लिए संपर्क किए जाने पर कहा कि वे चीन में ही रहना चाहते हैं.

भारतीय अधिकारियों ने यहां कहा कि वे फंसे हुए 10 भारतीयों के संपर्क में हैं. ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें निकालना जटिल है क्योंकि विषाणु की जद में आए वुहान और हुबेई प्रांत को लगभग सील कर दिया गया है.

चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने सोमवार को कहा कि विषाणु से मरने वालों की संख्या रविवार को 361 तक पहुंच गई और विषाणु संक्रमण के 2,829 नए मामले सामने आए. इसके साथ ही चीन में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 17,205 हो गई है.