काबुल: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में सोमवार को शीर्ष मौलवियों की एक सभा के पास आत्मघाती विस्फोट में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई. मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है. इस हमले से कुछ ही देर पहले मौलवियों ने इस तरह के हमलों को पाप करार दिया था. काबुल में पुलिस के प्रवक्ता हश्मत स्तानिकजई ने स्थानीय प्रसारणकर्ता तोलो न्यूज से कहा , ‘ हमारी प्राथमिक सूचना बताती है कि आत्मघाती हमला तब हुआ जब मेहमान सभागार से बाहर निकल रहे थे. यह घटना सोमवार को करीब साढ़े ग्यारह बजे की है. काबुल के पुलिस प्रमुख दाऊद अमीन ने मीडिया को बताया कि विस्फोट में कम से कम4 लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हुआ है.

हमलावर ने खुद को उड़ाया
वहीं, गृह मंत्रालय के प्रवक्ता नजीब दानिश ने बताया कि इस हादसे में कम से कम 12 लोग मारे गए हैं या घायल हुए हैं. लेकिन अभी इस बारे में अधिक जानकारी नहीं है. स्तानिकजई ने बताया कि हमलावर ने आयोजन स्थल के बाहर खुद को उड़ा लिया , जहां शीर्ष मौलवी और सरकारी अधिकारी एकत्र थे. सुरक्षा बलों ने इसके आत्मघाती हमला होने की पुष्टि की है. स्थानीय मीडिया ने बताया कि उलेमा काउंसिल की बैठक में करीब 3000 मौलवी एकत्र हुए थे. यह अफगानिस्तान के शीर्ष मौलवियों की संस्था है.

आज ही जारी किया था फतवा
इससे पहले अफगानिस्तान की शीर्ष धार्मिक संस्था ने एक फतवा जारी करते हुए इस्लामिक कानून के तहत आत्मघाती हमलों को हराम करार दिया था. अफगान उलेमा काउंसिल ने सोमवार को काबुल में करीब 2,000 काउंसिल सदस्यों की एक सभा में फतवा जारी किया. काउंसिल में मौलवी, विद्वान और धर्म एवं कानून प्राधिकरण के लोग शामिल हैं.

शांति वार्ता का आह्वान
काउंसिल ने अफगान सरकार की सेना और तालिबान और अन्य आंतकवादियों से लड़ाई रोकने और संघर्ष विराम पर सहमति बनाने की अपील की. उसने दोनों पक्षों के बीच शांति वार्ता का भी आह्वान किया. यह पहली बार है जब काउंसिल ने ऐसी अपील की है. काउंसिल के सदस्य घोफ्रानुल्लाह मुराद ने सभा के एक लिखित बयान को पढ़कर बताया कि अफगानिस्तान के निर्दोष पुरुष , महिलाएं और बच्चे युद्ध के पीड़ित हैं.