इस्लामाबाद: सुमन कुमारी पाकिस्तान में दीवानी न्यायाधीश नियुक्त होने वाली पहली हिंदू महिला बन गई हैं. मीडिया में आई खबर में यह जानकारी दी गई है. कम्बर-शाहददकोट निवासी सुमन अपने पैतृक जिले में ही न्यायाधीश के तौर पर सेवाएं देंगी. डॉन समाचार पत्र के मुताबिक, उन्होंने हैदराबाद से एलएलबी और कराची की सैयद जुल्फिकार अली भुट्टो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान से कानून में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है.

बता दें कि पाकिस्तान में एक निचले स्तर की अदालत की हिंदू महिला को जज बनने में 70 साल से ज्यादा लग गए जबकि, भारत में फातिमा बीवी सुप्रीम कोर्ट में साल 1989 में जज बन गईं थीं.

सुमन के पिता पवन कुमार बोदान के मुताबिक सुमन कम्बर-शाहददकोट जिले के गरीबों को मुफ्त कानून सहायता मुहैया कराना चाहती हैं. उन्होंने कहा, “सुमन ने एक चुनौतीपूर्ण पेशा चुना है, लेकिन मुझे विश्वास है कि वह कड़ी मेहनत और ईमानदारी से ऊंचा मुकाम हासिल करेंगी.” सुमन के पिता नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं और उनका बड़ा भाई सॉफ्टवेयर इंजीनियर है. उनकी बहन चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं. सुमन गायक लता मंगेशकर और आतिफ असलम की प्रशंसक हैं.

पाकिस्तान में किसी हिंदू व्यक्ति को न्यायाधीश नियुक्त किए जाने का यह पहला मामला नहीं है. पहले हिंदू न्यायाधीश जस्टिस राणा भगवानदास थे जो 2005 से 2007 के बीच संक्षिप्त अवधि के लिए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए गए थे. पाकिस्तान की कुल आबादी में दो प्रतिशत हिंदू हैं और इस्लाम के बाद देश में हिंदू धर्म दूसरा सबसे बड़ा धर्म है.