सूरज से निकल आया खतरनाक तूफान, नई खोज से वैज्ञानिक भी हैरान, बोले- ऐसा पहले कभी नहीं देखा
शोध में दावा किया गया है कि सूरज से एक शक्तिशाली सोलर स्टॉर्म निकला है. बताया गया कि ये सोलर स्टॉर्म यानी सौर तूफान अंतरिक्ष में सफर करते समय उम्मीद से कहीं ज्यादा तेजी से फैल गया.
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है. (Photo/Meta AI)
Latest Science News in Hindi: वैज्ञानिकों ने हाल में एक ऐसी स्टडी की है जिसने खुद शोधकर्ताओं को भी हैरान कर दिया है. शोध में दावा किया गया है कि सूरज से एक शक्तिशाली सोलर स्टॉर्म निकला है. बताया गया कि ये सोलर स्टॉर्म यानी सौर तूफान अंतरिक्ष में सफर करते समय उम्मीद से कहीं ज्यादा तेजी से फैल गया. वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्होंने पहले ऐसा व्यवहार कभी नहीं देखा था. यह घटना नवंबर 2021 की है, जब सूरज से एक बड़ा कोरोनल मास इजेक्शन (Coronal Mass Ejection) निकला था, जो कि गर्म गैस और चुंबकीय ऊर्जा का विशाल बादल होता है. ये अंतरिक्ष में बहुत तेज रफ्तार में आगे बढ़ता है. रास्ते में इस सोलर स्टॉर्म को दो अलग-अलग अंतरिक्ष यान ने रिकॉर्ड किया.
वैज्ञानिकों के नए शोध से चौंका दिया
वैज्ञानिकों ने देखा कि दोनों अंतरिक्ष यान के बीच की दूरी ज्यादा नहीं थी, लेकिन इतने कम सफर में ही सोलर स्टॉर्म का आकार करीब 21 फीसदी बढ़ तक गया. इतनी तेज विस्तार देखकर शोधकर्ताओं ने इसे 'सुपर एक्सपेंशन' नाम दिया. मगर इसमें भी सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि फैलने के दौरान इस बादल का तापमान कम होने के बजाय करीब तीन गुना बढ़ गया. आमतौर पर कोई भी गैस फैलती है तो ठंडी हो जाती है. मगर इस मामले में बिल्कुल उल्टा हुआ. अभी तक वैज्ञानिक यै नहीं समझ पाए हैं कि इसके पीछे असली वजह क्या थी.
शोध में क्या कुछ पता चला
शोधकर्ताओं का मानना है कि सोलर स्टॉर्म ने या तो अपनी ही ऊर्जा का इस्तेमाल किया होगा. नहीं तो अंतरिक्ष में मौजूद सौर हवाओं से ऊर्जा हासिल की. हालांकि शोधकर्ताओं ने बताया है कि इसकी पुष्टि के लिए अभी और अध्ययन किए जाएंगे. माना गया है कि ऐसी नई खोजें स्पेस वेदर की बेहतर भविष्यवाणी करने में मदद करेंगी. सोलर स्टॉर्म अगर बहुत शक्तिशाली हो तो ये जीपीएस, संचार व्यवस्था, सैटेलाइट और बिजली ग्रिड जैसी सर्विस को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है.
पृथ्वी पर अनुमान से अलग असर
अर्थ डॉट कॉम में छपी खबर के मुताबिक इस शोध का नेतृत्व शिरीश लता सोनी ने किया है. लता सोनी यूनिवर्सिटी ऑफ अयोवा के डिपार्टमेंट ऑफ फिजिक्स एंड एस्ट्रोलॉजी में रिसर्च फेलो हैं. उन्होंने कहा कि शोध से पता चला है कि कुछ सौर तूफान बहुत कम दूरी में ही तेजी से फैल सकते हैं और इसका असर पृथ्वी पर पहले के अनुमान से अलग हो सकता है.
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