वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे सुप्रीम कोर्ट के जज पद के लिए नामित ब्रेट कावानाह का बचाव करते हुए कहा कि यदि कोई नई सूचना सामने आती है तो वह खुले दिमाग से विचार करेंगे. ट्रंप ने कावानाह के खिलाफ आरोपों की एफबीआई जांच के आदेश दिए हैं.

कावानाह के खिलाफ एफबीआई जांच में दखल के आरोपों से अमेरिकी राष्ट्रपति का इंकार

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि कावानाह के खिलाफ जांच के तहत एफबीआई जिससे चाहे उससे बात कर सकती है और पूछताछ कर सकती है. हालांकि, ट्रंप ने मीडियाकर्मियों के सवाल के जवाब में कहा कि जांच पूरी होने तक उनके पास कोई वैकल्पिक योजना नहीं है. एफबीआई को कावानाह के खिलाफ जांच पूरी करने के लिए एक हफ्ते का वक्त दिया गया है.

प्रेसिडेंट ट्रंप ने कहा, ”मैं प्लान बी के बारे में बात नहीं करना चाहता, क्योंकि मुझे उम्मीद है कि उन्हें मंजूरी मिल जाएगी. मुझे उम्मीद है कि मेरी सोच के मुताबिक ही रिपोर्ट आएगी. मैं समझता हूं कि ऐसा होगा. मैं उम्मीद करता हूं.”

यौन शोषण के आरोपों का आक्रामक ढंग से खंडन करने वाले कावानाह के समर्थन में आए डोनाल्ड ट्रंप

राष्ट्रपति ने कहा, ”लेकिन देखिए, मैं आपकी तरह ही इंतजार कर रहा हूं. निश्चित तौर पर, यदि उन्हें कुछ नजर आता है, तो मैं उस पर विचार करूंगा. निश्चित तौर पर. मैं खुले दिमाग का हूं. वहां जो भी व्यक्ति नियुक्त होगा, वह काफी लंबे समय तक पद पर रहेगा. मैं खुले दिमाग का हूं. मेरा मानना है कि वह अच्छे इंसान हैं.” ट्रंप ने यह भी कहा कि कावानाह के साथ बहुत बुरा सुलूक हुआ है.

बता दें कि प्रोफेसर क्रिस्टिन ब्लेसी फॉर्ड ने कवानाह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. फॉर्ड ने सीनेट की समिति के समक्ष कहा था, “वह मेरे साथ दुष्कर्म करने जा रहा था. मैंने मदद के लिए चिल्लाने की कोशिश की लेकिन ब्रेट ने अपना हाथ मेरे मुंह पर रख दिया ताकि मैं चिल्ला नहीं सकूं. इससे मेरे जीवन पर प्रभाव पड़ा. मेरे लिए सांस लेना भी मुश्किल हो रहा था और मुझे लगा कि ब्रेट दुर्घटनावश मुझे मार देगा.