दमिश्क: उत्तरी सीरिया में कुर्द और तुर्की सेनाओं के बीच झड़प शुरू हो गई है. रूस समर्थित सीरियाई सरकार ने क्षेत्र में सेना को उतार दिया है. एफे न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार इस सप्ताह अंकारा और मॉस्को के बीच एक समझौते के बाद, तुर्की बलों ने कुर्दों के खिलाफ सैन्य अभियान को बंद कर दिया था, जिसे अंकारा आतंकवादी खतरा मान रहा है. बुधवार को कुर्द लड़ाकों को 20 मील के क्षेत्र को छोड़ने के लिए 150 घंटे का समय दिया गया था.

कुर्द नेतृत्व वाले सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज (एसडीएफ) ने कहा कि गुरुवार सुबह से ही तुर्की और उसके स्थानीय सहयोगी कई सीमावर्ती गांवों पर तोप से गोलाबारी करने के साथ ही जमीनी हमले कर रहे हैं. यहां से हजारों नागरिकों को भागने के लिए मजबूर होना पड़ा है. मीडिया एक्टिविस्ट नेटवर्क रोजावा इंफॉर्मेशन सेंटर के अनुसार, 1,300 सीरियाई सरकारी बल के साथ 160 वाहन गुरुवार को तुर्की की सीमा पर स्थित कोबानी शहर के आसपास के क्षेत्र में पहुंचे. कुर्द नेतृत्व वाली सेनाओं के साथ अमेरिकी मानवतावादी कार्यकर्ता डेविड यूबैंक के अनुसार, तुर्की के ड्रोन ने गुरुवार और शुक्रवार को सीमावर्ती शहर रास अल-ऐन पर दक्षिण-पूर्व में हमला किया, जिसमें कम से कम एक एसडीएफ सैनिक की मौत हो गई.

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डेविड ने तुर्की समर्थित सीरियाई विद्रोहियों का जिक्र करते हुए कहा, “इस तथाकथित संघर्ष विराम के दौरान तुर्की के हवाई हमले किसी भी दिन नहीं रुके हैं. सीरियन सेना के साथ उन्होंने कल (शुक्रवार) को दोपहर से लेकर रात तक पूरे दिन हमला किया.” एक स्वतंत्र निगरानी समूह सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा है कि शुक्रवार को तुर्की समर्थित आठ सैनिक और तीन एसडीएफ लड़ाके मारे गए. तुर्की-रूस समझौते के तहत रूसी और सीरियाई सुरक्षा बल कुर्द लड़ाकों की वापसी की देखरेख करेंगे, जिनमें से कुछ पहले से ही सुरक्षित क्षेत्र से निकलना शुरू कर चुके हैं. शुक्रवार को रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने चेचन्या से सीरिया-तुर्की सीमा क्षेत्र में लगभग 300 और सैन्य पुलिस अधिकारियों को भेजा है.

(इनपुट आईएएनएस)