इस्लामाबादः पाकिस्तान में कोरोना वायरस बीमारी से निपटने के रास्ते में तब्लीगी जमात की गतिविधियां बड़ा रोड़ा बनकर उभरी हैं. इस संस्था के सदस्यों की जगह-जगह मौजूदगी ने प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों की भी नींद उड़ाई हुई है. पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब के रायविंड मे तब्लीगी जमात के मुख्यालय पर जमा लोगों में से 27 को कोरोना वायरस से ग्रस्त पाया गया है. इन्हें क्वारंटीन किया गया है. एक मामले में जमात के एक सदस्य ने पुलिस अफसर पर चाकू से हमला कर भागने की कोशिश की. उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. Also Read - दिल्ली में कोरोना के मामले 25 हजार के पार, 161 और मरीजों की मौत; 29.74 प्रतिशत हुई संक्रमण की दर

तब्लीगी जमात इस्लामी धर्मप्रचारकों की संस्था है. इसके सदस्य समूहों में पूरी दुनिया में भ्रमण करते हैं और विशेष रूप से मुसलमानों को इस्लाम धर्म के बारे में जानकारी देते हैं. यह जिन इलाकों में जाते हैं, वहां की मस्जिदों में टिकते हैं. Also Read - VIDEO | क्या हवा के माध्यम से भी आपके शरीर में प्रवेश कर सकता है कोरोना वायरस?

रायविंड में जमात के करीब 12 सौ लोगों ने इज्तेमा (सामूहिक धार्मिक आयोजन) में हिस्सा लिया. इन्हें यहां से टोलियों में धर्म प्रचार के लिए निकलना था. कोरोना के मद्देनजर अधिकारियों ने इन्हें इज्तेमे से रोका लेकिन यह नहीं माने. इसके बाद अधिकारियों ने सख्ती की तो संस्था ने आयोजन रोका लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. रविवार को इनमें से 27 सदस्य कोरोना से ग्रस्त पाए गए. Also Read - कोरोना महामारी के बीच Honda की इन कारों पर मिल रहा है Big Discount, नकद छूट से साथ और भी कई लाभ

पंजाब प्रांत के ही लैयाह में प्रशासन ने तब्लीगी जमात के घूम रहे सदस्यों को जिले में जमात के केंद्र में रखा और इसे 235 लोगों के लिए क्वारंटीन केंद्र घोषित किया. यहां से कुछ लोगों ने भागने की कोशिश की. पुलिस ने जब इन्हें रोका तो जमात के एक सदस्य ने पुलिस अफसर मोहम्मद अशरफ को चाकू घोंप दिया और भाग गया. उसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया.

पाकिस्तान में इस बात को लेकर भारी चिंता, विशेषकर आम लोगों में पाई जा रही है कि रायविंड से निकले तब्लीगी जमात के लोग अन्य जगहों पर पहुंचे हैं और इससे संक्रमण का खतरा हो सकता है. सिंध के हैदराबाद में लोगों ने एक मस्जिद में मौजूद तब्लीगी जमात के सदस्यों की मौजूदगी की सूचना पुलिस को दी. पुलिस ने इस मस्जिद को सील कर इन लोगों को इसी में बंद कर दिया और मस्जिद को क्वारंटीन केंद्र घोषित कर दिया.