Afghanistan News Updates: अफगानिस्‍तान (Afghanistan) में तालिबान (Taliban) का कब्‍जा होने के बाद वहां डर और भय के माहौल के बीच आतंकी संगठन की क्रूरता भी सामने आ रही है. तालिबान के राजधानी काबुल में कब्‍जे के बाद उसके लगाए गए कर्फ्यू के बीच कई अफगानी लोग देश छोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं, ताजा जानकारी के मुताबिक, काबुल एयरपोर्ट से एक बार फिर फायरिंग हुई. ये फायरिंग अमेरिकी सैनिकों ने अपने यहां के लोगों की वापसी में बाधा बन रही अफगान नागरिकों की भीड़ की वजह से की है.Also Read - Submarine Deal Issue: उत्‍तर कोरिया ने अमेरिका को दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी

अमेरिका का कहना है कि तालिबान हवाईअड्डे तक पहुंचने के इच्छुक लोगों के लिए सुरक्षित मार्ग मुहैया कराने को लेकर प्रतिबद्ध है. लेकिन अफगानिस्तान की राजधानी से आईं खबरों में कहा गया है कि एयरपोर्ट रोड पर स्थापित चौकियों पर हिंसा की घटनाएं हुई हैं, जिसमें एक महिला और एक बच्चे के सिर पर चोट लगने की तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्हें कथित तौर पर एक चौकी को पार करने की कोशिश करने के लिए पीटा गया और कोड़े मारे गए. तालिबान दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं और कुछ लोगों को हवाईअड्डे तक पहुंचने से मना कर उन्हें जबरन चौकियों से ही वापस भेज दिया जा रहा है. Also Read - US: SpaceX का स्‍पेसक्राफ्ट फ्लोरिडा तट के अटलांटिक महासागर में उतरा, 3 दिन तक ऑर्बिट की सैर कर लौटे चार अंतरिक्ष पर्यटक

वहीं, तालिबान ने देश से बाहर जाने की कोशिश कर रहे अफगानी नागरिकों पर जुल्‍म ढाते हुए नजर आ रहे हैं. इसके वीडियो एबीसी न्‍यूज ने अपने टि्वटर हैंडल पर शेयर किए हैं. Also Read - तालिबान ने महिलाओं का मंत्रालय हटाया, पूरी तरह से पुरूष सदस्यों वाले मंत्रालय का किया गठन

तालिबान काबुल एयरपोर्ट पहुंचे अफगान नागरिकों पर धारदार हथियार और कोड़ों से जुल्‍म ढा रहा है. तालिबान काबुल एयरपोर्ट के गेट पर ही अफगानियों को रोक रहे हैं और उन्‍हें सरेआम बुरी तरह से प्रताड़नाएं देते हुए दिख रहे हैं, जिसके वीडियो सामने आए हैं.

रिपोर्ट मिली है कि लोगों को पीटा भी जा रहा है
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, जेक सुलिवन ने कहा कि अमेरिकी सैन्य नियंत्रण में अब बड़ी संख्या में लोग हवाई क्षेत्र तक पहुंचने में सक्षम हैं. उन्होंने कहा, ऐसे उदाहरण हैं जहां हमें लोगों की रिपोर्ट मिली है कि उन्हें पीछे धकेल दिया जा रहा है और यहां तक कि उन्हें पीटा भी जा रहा है.

हवाईअड्डे के लिए खुले मार्ग रखना घंटे-दर-घंटे का मुद्दा है
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, जेक सुलिवन ने कहा कि हम मुद्दों को सुलझाने की कोशिश के लिए तालिबान के साथ एक चैनल में इसे उठा रहे हैं और हमें इस बात की चिंता है कि क्या आने वाले दिनों में भी यह जारी रहेगा. सुलिवन ने कहा कि हवाईअड्डे के लिए खुले मार्ग रखना घंटे-दर-घंटे का मुद्दा है. यह कुछ ऐसा है जिसके बारे में हम स्पष्ट हैं और तालिबान को अपनी प्रतिबद्धता पर अमल करने के लिए जवाबदेह ठहराने पर बहुत ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.

तालिबान नागरिकों के लिए एयरपोर्ट तक सुरक्षित मार्ग प्रदान करने में विफल रहा तो उसे परिणाम भुगतने होंगे
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव, जेन साकी ने कहा कि यदि तालिबान नागरिकों के लिए हवाईअड्डे तक सुरक्षित मार्ग प्रदान करने में विफल रहता है, तो उसे परिणाम भुगतने होंगे और इस मुद्दे को फिर संयुक्त राज्य अमेरिका की सेना संभालेगी. साकी ने कहा कि हमने इसे स्पष्ट कर दिया है. लेकिन अभी हम उनकी बात का भरोसा नहीं कर रहे हैं.

संयुक्त अरब अमीरात में हैं अशरफ गनी, वीडियो जारी किया
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने बुधवार देर रात अपने फेसबुक पेज पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिससे यह पुष्टि हो गई कि वह संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में हैं. उन्होंने अपने संदेश में अफगान सुरक्षा बलों का शुक्रिया अदा किया लेकिन साथ ही कहा कि शांति प्रक्रिया की नाकामी के कारण तालिबान ने सत्ता छीन ली.

खून-खराबा रोकने का यही एक रास्ता था
देश में तालिबान की वापसी के बाद काबुल छोड़कर भागने के अपने फैसले का बचाव करते हुए अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी बुधवार को कहा कि खून-खराबा रोकने का यही एक रास्ता था. उन्होंने ताजिकिस्तान में अफगानिस्तान के राजदूत के उन दावों को भी खारिज कर दिया कि उन्होंने राजकोष से लाखों डॉलर की चोरी की है।

राजकोष से 16.9 करोड़ डॉलर चोरी का आरोप पूरी तरह से निराधार
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने अप्रत्यक्ष तौर पर ताजिकिस्तान में अफगानिस्तान के राजदूत के उन आरोपों को भी खारिज करने की कोशिश की कि उन्होंने राजकोष से 16.9 करोड़ डॉलर चोरी किए. उन्होंने दावा किया कि उन्हें ”एक जोड़ी पारंपरिक कपड़ों और सैंडल में अफगानिस्तान छोड़ना पड़ा जो उन्होंने पहन रखे थे. गनी ने कहा, इन दिनों आरोप लगाए गए हैं कि पैसा
लिया गया, लेकिन ये आरोप पूरी तरह निराधार हैं. ” गनी तालिबान के काबुल में घुसने के बाद रविवार को अफगानिस्तान छोड़कर चले गए थे.