काबुल: तालिबान ने सोमवार को कहा कि वह आंशिक संघर्ष विराम खत्म करने के साथ ही अफगान सुरक्षा बलों के खिलाफ आक्रामक अभियान फिर शुरू करने जा रहा है. इस आंशिक संघर्ष विराम की घोषणा चरमपंथियों और वाशिंगटन के बीच समझौते पर दस्तखत होने से पहले की गई थी. तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा, “हिंसा में कटौती…अब खत्म हो गयी है और हमारा अभियान सामान्य रूप से जारी रहेगा.” उन्होंने कहा, “समझौते (अमेरिका-तालिबान) के मुताबिक, हमारे मुजाहिदीन विदेशी बलों पर हमला नहीं करेंगे लेकिन काबुल के प्रशासन वाले बलों के खिलाफ हमारा अभियान जारी रहेगा.” Also Read - शैम्पू की बोलत में भरी ऐसी चीज़, जिसकी कीमत है 136 करोड़ रुपए, अफगानी नागरिक ऐसे करते थे तस्करी

बता दें कि अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने रविवार को कहा था कि वह हजारों तालिबान कैदियों को रिहा नहीं करेंगे. अमेरिका-तालिबान शांति समझौते में रखे गये तालिबान कैदियों की रिहाई के प्रावधान को लेकर उन्होंने सार्वजनिक रूप से असहमति जताई. राष्ट्रपति गनी की इस टिप्पणी को इस समझौते के लिए पहली अड़चन माना जा रहा था. जो सही साबित हुआ. Also Read - Rashid Khan ने कर दिया इनकार, नहीं बनेंगे Afghanistan के T20 कप्तान

दरअसल समझौते में सभी विदेशी बलों को वापस बुलाने के लिए 14 माह का समय तय किया गया है बशर्ते तालिबान कई प्रतिबद्धताओं का पालन करे तथा अधिक समावेशी शांति समझौते के लिए काबुल के साथ वार्ता करे. शनिवार को अमेरिका-तालिबान के बीच हुए समझौते में अफगान सरकार द्वारा पांच हजार तालिबान कैदियों की रिहाई की बात थी. तालिबान 1,000 कैदियों को रिहा करेगा. Also Read - Afghanistan: काबुल में गर्ल्‍स स्कूल के बाहर हुए Blasts में मृतकों का आंकड़ा 50 से ज्‍यादा हुआ

गनी ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में रविवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि किसी भी कैदी की रिहाई उनकी सरकार द्वारा लिये जाने वाला एक निर्णय है और वह बातचीत शुरू होने से पहले कैदियों को रिहा करने के लिए तैयार नहीं थे. गनी ने कहा, ‘‘कैदियों की रिहाई के लिए अमेरिका ने अनुरोध किया था और यह वार्ता का हिस्सा हो सकता है लेकिन यह एक पूर्व शर्त नहीं हो सकती है.’’

(इनपुट भाषा)