काबुल: अफगानिस्तान के लिए अमेरिका के विशेष दूत जलमी खलीलजाद ने इस्लामाबाद में तालिबान के एक प्रतिनिधिमंडल से शुक्रवार को मुलाकात की. नाम उजागर ना करने की शर्त पर तालिबान से जुड़े एक व्यक्ति ने शनिवार सुबह यह जानकारी दी.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के तालिबान के साथ शांति वार्ता समाप्त करने के करीब एक महीने बाद दोनों पक्षों के बीच यह मुलाकात हुई.

मुल्ला अब्दुल गनी बरादर के नेतृत्व में तालिबान के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को जलमी खलीलजाद से मुलाकात की. मुल्ला अब्दुल गनी बरादर उस अभियान के सह-संस्थापक हैं, जिसे 2001 में अमेरिका नेतृत्व वाले गठबंधन ने बाहर किया था.

जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के बचाव में उतरे राम माधव, कहा- हर कश्मीरी अलगाववादी या राष्ट्रविरोधी नहीं

अमेरिकी अधिकारियों ने हालांकि कहा कि शांति वार्ता फिर शुरू होने की कोई संभावना नहीं है. कम से कम अभी इस्लामाबाद में तो नहीं.

खलीलजाद की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कुछ दिन पहले अमेरिका की यात्रा की थी और इस दौरान उन्होंने ट्रम्प से मुलाकात कर अफगानिस्तान में शांति लाने की दिशा में बातचीत बहाल करने समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा की थी.

खलीलजाद ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के सत्र में शामिल होने के लिये आये प्रधानमंत्री खान से भी मुलाकात की थी, जहां दोनों ने तालिबान के साथ बातचीत फिर से शुरू करने को लेकर अपने विचार साझा किये थे.

अमेरिका और तालिबान मसौदा शांति योजना पर सहमत थे लेकिन पिछले महीने काबुल में एक आत्मघाती हमले में एक अमेरिकी सैनिक की हत्या के बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने बातचीत की प्रक्रिया रद्द कर दी थी. इस आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी तालिबान ने ली थी.

(इनपुट भाषा)