इस्लामाबाद: तालिबान ने अमेरिका के साथ एक और बैठक करने की बात कही है जो इस बार संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में होगी तथा इसमें सऊदी अरब, पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधि शामिल होंगे. तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने विस्तृत ब्यौरा न देते हुए एक संक्षिप्त बयान में कहा कि यह बैठक सोमवार को होगी. अफगानिस्तान की सरकारी संवाद समिति बख्तार के निदेशक खलील मिनावी ने भी बैठक की पुष्टि की.

न इनकार न इकरार
उन्होंने ट्विटर पर कहा कि पाकिस्तान प्रायोजित अमेरिका-तालिबान बैठक” से पहले अमेरिका, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और यूएई के अधिकारियों ने शुक्रवार को बैठक की. सोमवार की इस बैठक में अफगान अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद भले ही न हो लेकिन यूएई में उनकी मौजूदगी दोनों पक्षों को बातचीत के लिए राजी करने के प्रयासों में अहम कदम है. अब तक तालिबान अफगान सरकार से सीधी बातचीत करने से इनकार करता रहा और उसे अमेरिका की कठपुतली बताता रहा तथा केवल अमेरिका से बातचीत करने पर जोर देता रहा. विदेश मंत्रालय ने पहले ऐसी बैठकें होने से न तो इनकार किया और न ही उनकी पुष्टि की लेकिन अमेरिकी विशेष शांति दूत जालमे खलीलजाद ने इससे पहले कहा था कि उन्होंने 17 साल चले इस संघर्ष में शामिल सभी अफगानों से मुलाकात की.

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अमेरिका नीत सैन्य गठबंधन द्वारा 2001 में तालिबान को खदेड़े जाने के बाद से अमेरिका अफगानिस्तान में एक हजार अरब डॉलर खर्च कर चुका है. वहां चल रहा युद्ध अमेरिका का सबसे लंबा चलने वाला युद्ध है. सितंबर में खलीलजाद की नियुक्ति इसी लक्ष्य से की गई थी कि इससे शांति वार्ता को तेजी मिलेगी और अब इसने जोर पकड़ लिया है. पाकिस्तान ने इससे पहले कहा था कि वह बातचीत के ताजा चरण की योजना बनाने में मदद करेगा. (इनपुट एजेंसी)

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