काबुल: तालिबान का कब्जा काबुल पर हो चुका है. ऐसे में सभी देशों द्वारा अफगानिस्तान से अपने नागिरका को रेस्क्यू किया जा रहा है. इस बीच तालिबान अब अमेरिका को आंख दिखाने लगा है. तालिबान का कहना है कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी में देरी होने पर अमेरिका को इसेक परिणाम भुगतने पर सकते हैं. आतंकी संगठन द्वारा अमेरिका इसके लिए 31 अगस्त तक का डेड लाइन दिया गया है.Also Read - PM Narendra Modi US Visit: प्रधानमंत्री मोदी के 7 साल और 7 बार अमेरिका यात्रा, जानें कब क्या हुआ खास

बता दें कि इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडाने ने कहा था कि नागरिकों को निकालने में मदद के लिए अमेरिकी सेना 31 अगस्त तक काबुल में रह सकते हैं. बता दें कि आतंकी संगठन ने काबुल पर कब्जा कर लिया है. इस कारण अमेरिका को अपने दूतावास को लेकर काबुल एयरपोर्ट पर शिफ्ट होना पड़ गया है. इतना ही नहीं एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए अमेरिका ने अपने 6000 सैनिकों को भेजा है. Also Read - American Federal Reserve: अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संकेतों का जल्द दिख सकता है असर

राष्ट्रपति जो बाइडेन का कहना है कि अफगानिस्तान की राजधानी से अमेरिकियों को रेस्क्यू करने का काम तेजी से चल रहा है. हालांकि उन्होंने तनावग्रस्त देश से इस अभियान को 31 अगस्त की समय सीमा से आगे चलाने की संभावना को भी नहीं नकारा है. बता दें कि बाइडेन ने कहा है कि हवाई मार्ग से लोगों को वापस लाने के काम को 31 अगस्त की समय सीमा से आगे बढ़ाने के संबंध में सैन्य चर्चा जारी है. Also Read - Predator Drone: पाक-चीन पर और मजबूत होगी भारतीय सेना की पकड़, 30 प्रीडेटर ड्रोन्स का US से होगा सौदा