बेरूत: आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने लंदन में शुक्रवार को हुई चाकूबाजी की घटना की शनिवार को जिम्मेदारी ली. आईएस ने अपने खिलाफ कई देशों के समूह का जिक्र करते हुए कहा कि लंदन हमला करने वाला व्यक्ति इस्लामिक स्टेट का लड़ाका था और उसने गठबंधन देशों के नागरिकों को निशाना बनने के आह्वान के जवाब में ऐसा किया.

ब्रिटेन के मशहूर लंदन ब्रिज के निकट शुक्रवार को हुई चाकूबाजी में शामिल संदिग्ध 2012 में भी आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तत होने का दोषी पाया गया था. ब्रिटेन के मशहूर लंदन ब्रिज के निकट शुक्रवार को हुई चाकूबाजी की घटना में दो लोग मारे गए थे. वहीं स्कॉटलैंड यार्ड ने फर्जी विस्फोटक जैकेट पहने एक पुरुष संदिग्ध को घटनास्थल पर मार गिराने की पुष्टि की थी. बता दें कि लंदन ब्रिज वह इलाका है, जहां जून 2017 में आईएसआईएस के आतंकी हमले में 11 लोग मारे गए थे.

पुलिस ने संदिग्ध की पहचान 28 वर्षीय उस्मान खान के तौर पर की थी. साथ ही उन्होंने कहा था कि घटना में किसी और के शामिल होने की फिलहाल कोई आशंका नहीं है. स्कॉटलैंड यार्ड के ‘हेड ऑफ काउंटर टेररिज्म पुलिसिंग’ के सहायक आयुक्त नील बसु ने बताया कि उसकी पहचान हो गई है. 2012 में उसे आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तत होने का दोषी पाया गया था और दिसम्बर 2018 में ही उसे जेल से रिहा किया गया.

द टेलीग्राफ की खबर के मुताबिक, ब्रिटिश नागरिक उस्मान खान स्कूल छोड़ने के बाद पाकिस्तान चला गया था और उसने अपने किशोरावस्था का कुछ हिस्सा पाकिस्तान में बिताया था, जहां वह अपनी बीमार मां के साथ रहता था. खबरों के मुताबिक इंग्लैंड लौटने पर उसने इंटरनेट पर कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार शुरू कर दिया और महत्वपूर्ण रूप से कई लोगों को आकर्षित किया. 2012 में उस्मान आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तत होने का दोषी पाया गया था.