मे साई। थाईलैंड में एक गुफा में फंसे जूनियर फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों को बचाने का काम तेजी से चल रहा है. खिलाड़ियों को बचाने के लिए बचावकर्मी तरह तरह की जुगत लगा रहे हैं. अब गुफा में इंटरनेट लगाने की कोशिशें हो रही है. थाईलैंड के एक अधिकारी ने बताया कि बचाव दल बाढ़ग्रस्त गुफा में इंटरनेट केबल लगाने की कोशिशों में जुटे हैं ताकि माता-पिता वहां फंसे अपने बच्चों से बात कर सकें. Also Read - Coronavirus Effect: एक केले के लिए सैकड़ों बंदरों में घमासान, डरा देगा ये वीडियो

कुंओं से पानी निकालने का काम जारी Also Read - कोरोना वायरस के कारण एशिया कप से हटी भारतीय तीरंदाजी टीम

डिपार्टमेंट ऑफ डिजास्टर प्रिवेंशन एंड मिटिगेशन के उप निदेशक कोर्बचई बूनोरना ने भी आज कहा कि बचावकर्मी गुफा के समीप कुंओं से पानी निकालने की कोशिश कर रहे हैं ताकि गुफा के भीतर पानी का स्तर कम कर फुटबॉल टीम के 12 खिलाड़ियों तथा कोच को निकाला जा सकें. लगातार पानी निकाला जा रहा है. जितना ज्यादा निकलेगा उतना बेहतर होगा. Also Read - भाजपा की राहुल गांधी को नसीहत, थाईलैंड या चीन जाएं तो अपना ख्याल रखें

इससे पहले चिआंग राय प्रांत के गवर्नर नारोंगसक ओसातानाकोर्न ने कहा कि सभी लड़कों को एक बार में ही एक साथ बाहर नहीं निकाला जा सकता. बाढ़ग्रस्त गुफा में फंसी फुटबॉल टीम के बचाव अभियान की निगरानी कर रहे थाई अधिकारी ने कहा ने कहा कि सभी 13 लोगों को एक ही बार में बाहर नहीं निकाला जा सकता. अगर उनका स्वास्थ्य ठीक और व्यक्ति 100 फीसदी तैयार है तभी वह बाहर आ सकता है.

फाइबर ऑप्टिक इंटरनेट लाइन लगेगी

अधिकारी टीम को गुफा से बाहर निकालने के बेहतर तरीके पर विचार कर रही है जिसमें गोताखारी भी शामिल है. थाई अधिकारी गुफा में फाइबर ऑप्टिक इंटरनेट लाइन लगाने के लिए नेवी सील के साथ काम कर रहे हैं. संचार तकनीशियन फूवनार्त कीवदम ने बुधवार को कहा कि एक बार केबल लग जाएगी तो गुफा के भीतर फोन कॉल करना संभव होगा. अधिकारियों ने मंगलवार को भी इसकी कोशिश की थी लेकिन पानी के कारण उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए.

खिलाड़ियों-कोच ने कहा, हम ठीक हैं

थाई नेवी द्वारा जारी ताजा वीडियो में लड़कों और उनके कोच ने कहा कि वे ठीक हैं. नेवी गुफा में फंसे युवा फुटबॉल खिलाड़ियों के वीडियो लगातार जारी कर रही है. अधिकारियों ने बताया कि 12 लड़कों और उनके कोच को गोताखोरी सिखाना उनको बाहर निकालने का एकमात्र तरीका हो सकता है लेकिन अन्य विकल्प भी तलाश किए जा रहे हैं.

नारोंगसक ने बताया कि लड़कों ने डाइविंग मास्क पहनने और सांस लेने का अभ्यास किया लेकिन उनका मानना है कि उन्होंने अभी तक गोताखोरी का कोई अभ्यास नहीं किया. गौरतलब है कि 11 से 16 साल की आयु के ये खिलाड़ी और उनके 25 वर्षीय कोच 23 जून को फुटबॉल के एक मैच के बाद उत्तरी चिआंग राय प्रांत में थाम लुआंग नांग नोन गुफा देखने निकले थे और इसके बाद वे लापता हो गए थे. भारी बारिश के कारण गुफा के जलमग्न होने से वे उसमें फंस गए थे. एक ब्रिटिश गोताखोर ने सोमवार रात को उन्हें ढूंढ़ा था.

(भाषा इनपुट)