यरुशलम: अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और कुछ अन्‍य राष्‍ट्राध्‍यक्षों के बाद अब इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मलेरिया रोधी दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन hydroxychloroquine समेत पांच टन सामग्री भिजवाने के लिए भारत पीएम नरेंद्र मोदी का आभार जताया है. नेतन्याहू ने गुरुवार शाम को ट्वीट किया, ”इजराइल को क्लोरोक्वीन भेजने के लिए शुक्रिया, मेरे प्रिय मित्र नरेंद्र मोदी. इजराइल के सभी नागरिक आपका धन्यवाद अदा करते हैं. Also Read - अमेरिकी सांसदों, राजदूत ने वॉशिंगटन में गांधी की प्रतिमा में तोड़फोड़ की निंदा की

बता दें कि हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन को कोविड-19 के इलाज में कारगर माना जा रहा है.
बता दें कि एक विमान कोरोना वायरस मरीजों के इलाज के लिए दवाइयां बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री लेकर भारत से मंगलवार को इजराइल पहुंचा था, जिसके बाद इजराइली प्रधानमंत्री ने बृहस्पतिवार को भारत का आभार जताया. Also Read - World Enviorment Day 2020: ये शहर हैं दुनिया में सबसे ज्यादा प्रदूषित, जानें यहां क्यों बने ऐसे हालात

पांच टन इस माल में क्लोरोक्वीन और हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा बनाने की सामग्री भी शामिल है. इस दवा को अब दुनियाभर में कोविड-19 के मरीजों के संभावित इलाज विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है. Also Read - लॉकडाउन के चलते इस एक्ट्रेस ने खो दी अपनी ये खास चीज़, सोशल मीडिया पर जताया दुख

इस जानलेवा संक्रामक रोग ने इजराइल में करीब 10,000 लोगों को अपनी चपेट में ले लिया और 86 लोगों ने जान गंवा दी. 121 अन्य लोग गंभीर हालत में वेंटीलेटर्स पर हैं.

नेतन्याहू ने मोदी से तीन अप्रैल को फोन पर बातचीत में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का निर्यात करने का अनुरोध किया था, जिसके कुछ ही दिनों में भारत ने इजराइल को इसकी आपूर्ति कर दी.

भारत इस दवाई का दुनिया में सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक है. हालांकि, भारत को अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए दवा का निर्यात सीमित करना पड़ा था.

कोरोना वायरस फैलने के बाद से ही नेतन्याहू, मोदी के संपर्क में रहे हैं. उन्होंने 13 मार्च को विशेष अनुरोध कर भारतीय प्रधानमंत्री को इजराइल को मास्क तथा दवाइयों के निर्यात को मंजूरी देने के लिए कहा था.

इजराइली पीएम ने कोरोना वायरस संकट से निपटने के लिए विभिन्न कदमों पर चर्चा करने के लिए दूसरी बार तीन अप्रैल को मोदी से बात की.

खास बात ये है कई देश कोरोना वायरस के लक्षणों की इलाज के लिए हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के साथ प्रयोग कर रहे हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत से इस दवा के निर्यात का अनुरोध किया था.

ट्रम्प ने मोदी को शानदार शख्स बताया कहा- भारत की मदद को भुलाया नहीं जाएगा
विशेषज्ञों ने हालांकि, इस दवा के गंभीर प्रतिकूल प्रभावों को लेकर भी आगाह किया है. इससे पहले ट्रम्प ने मलेरिया रोधी दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का अमेरिका को निर्यात करने की मंजूरी देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शानदार शख्स बताते हुए कहा था कि ऐसे मुश्किल वक्त में भारत की मदद को भुलाया नहीं जाएगा.

ब्राजील ने भी भारत को कहा ‘शुक्रिया’
ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो ने भारत को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के उत्पादन को बढ़ाने के लिए कच्ची सामग्रियों की इजाजत देने के लिए भारत का शुक्रिया अदा किया है. राष्ट्रपति ने बुधवार को देश को संबोधित करते हुए कहा कि देश को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वि न का उत्पादन बढ़ाने के लिए कच्ची सामग्रियों की खेप भारत से मिलने वाली है, जिसके प्रयोग और प्रभाव के बारे में अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक समुदाय में चर्चा हुई है. स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, ब्राजील में कोरानावायरस से 800 लोगों की मौत हो चुकी है. पिछले 24 घंटे में इससे 133 लोगों की मौत हुई है और कुल 16000 पुष्ट मामले हैं.