वजन 250 ग्राम, 5 दिन में 5000 किलोमीटर की उड़ान, 3 अमूर बाज भारत से अफ्रीका पहुंचे

Amur Falcon: यह घटना साल 2025 के आखिरी दिनों की है. बाज की उड़ान को सैटेलाइट से ट्रैक किया गया.

Published date india.com Published: January 5, 2026 1:42 PM IST
वजन 250 ग्राम, 5 दिन में 5000 किलोमीटर की उड़ान, 3 अमूर बाज भारत से अफ्रीका पहुंचे
(photo credit AI, for representation only)

Amur Falcon: भारत में टैग किए गए तीन छोटे अमूर फाल्कन ने सिर्फ पांच दिनों में लगभग 5,000 किमी की उड़ान भरकर लोगों को हैरान कर दिया है. ये पक्षी, जिनमें से हर एक का वजन मुश्किल से 150-200 ग्राम था, भारत की जमीन और फिर खुले अरब सागर को पार करके अफ्रीका में अपने सर्दियों के ठिकाने तक पहुंचे.

सैटेलाइट से किया ट्रैक

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक सारे बाज 2025 के आखिर में अफ्रीका के लिए उड़ गए, जबकि कंजर्वेशनिस्ट्स ने सैटेलाइट का इस्तेमाल करके उनकी मूवमेंट पर नजर रखी और उनकी महाद्वीप पार यात्रा को ट्रैक किया.

सैटेलाइट डेटा से पता चलता है कि भारत से निकलने वाले अमूर फाल्कन एक हफ्ते से भी कम समय में पूर्वी अफ्रीका तक लगभग 5,000-6,000 किमी की दूरी तय कर सकते हैं, अक्सर अरब सागर और पश्चिमी हिंद महासागर के ऊपर लंबी बिना रुके समुद्री यात्रा करते हुए.

एटमॉस्फेरिक फिजिक्स का कमाल

वैज्ञानिकों के मुताबिक यह कारनामा सिर्फ पक्षियों की ताकत, जोर लगाने के बजाय एटमॉस्फेरिक फिजिक्स के शानदार इस्तेमाल से संभव हुआ. ये पक्षी शक्तिशाली हवाओं के सिस्टम पर लगभग प्राकृतिक ग्लाइडर की तरह उड़ते हुए अपनी यात्रा पूरी की.

पक्षी सर्दियों में जाते हैं अफ्रीका

ये पक्षी अफ्रीका में सर्दियां बिताते हैं और फिर सर्दियों के आखिर और वसंत की शुरुआत में फिर से उत्तर की ओर बढ़ते हैं. हर साल मई-जून के आसपास चीन और रूस के क्षेत्रों सहित उत्तर-पूर्वी एशिया में प्रजनन क्षेत्रों में पहुंचते हैं.

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हवाएं कैसे करती हैं मदद

मौसमी मानसून की हवाएं और अरब सागर और हिंद महासागर के ऊपर मजबूत, लगातार हवाओं के सिस्टम ऐसी यात्राओं को संभव बनाते हैं, जिससे लगातार धक्का मिलता है जो पक्षियों की ऊर्जा खर्च को कम करता है.

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