लंदन:ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरेसा मे  ने सांसदों से उनके ब्रेक्जिट समझौते का समर्थन करने का आग्रह किया है. उनका कहना है कि इस समझौते का विरोध करने का मतलब लोकतंत्र को खतरे में डालने जैसा है. उन्होंने कहा कि यह जनमत संग्रह परिणाम का सम्मान करने और अर्थव्यवस्था की रक्षा करने का एकमात्र तरीका है. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक थेरेसा ने रविवार को मेल में लिखकर कहा कि अगर उनके आलोचक उनकी योजना का विरोध करते हैं, तो इससे लोकतंत्र को नुकसान पहुंचेगा.

यूरोपीय संघ के बीच सहमति
सांसदों को अगले सप्ताह इस मसले पर वोट करना है कि ब्रेक्सिट योजना का समर्थन करें या नहीं. ब्रिटेन 29 मार्च को यूरोपीय संघ (ईयू) से अलग होने वाला है, चाहे यूरोपीय संघ के साथ कोई समझौता हो या न हो. मे ने कहा, “जनमत संग्रह के परिणाम का सम्मान करने और नौकरियों और सुरक्षा की रक्षा करने का एकमात्र तरीका यही है कि समझौते का समर्थन किया जाए.” उन्होंने कहा, “किसी और के पास कोई वैकल्पिक योजना नहीं है” जो यूरोपीय संघ के जनमत संग्रह के परिणाम पर आधारित हो, नौकरियों की सुरक्षा करती हो और व्यवसायों को निश्चिंतता प्रदान करती है.

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समझौते में ब्रिटेन के ईयू से अलग होने और भविष्य के संबंधों को लेकर एक रूपरेखा पर प्रधानमंत्री और यूरोपीय संघ के बीच सहमति बन गई है, लेकिन इसे स्वीकार किए जाने से पहले संसद में सांसदों द्वारा वोट पारित करने की आवश्यकता है. हाउस ऑफ कॉमन्स द्वारा दिसंबर में वोट किया जाना था, लेकिन यह स्पष्ट होने के बाद कि पर्याप्त संख्या में सांसद उनके समझौते के लिए वोट नहीं करेंगे, मे ने इसे रद्द कर दिया. इस समझौते पर बहस बुधवार को फिर से शुरू होगी. 15 जनवरी को अहम वोट होने की उम्मीद है. (इनपुट एजेंसी)

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