G7 conference ब्रेग्जिट के बाद ब्रिटेन और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच तनाव बढ़ने के साथ ही ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने जी-7 सम्मेलन से इतर जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल और फ्रांस के राष्ट्रपति एम्मानुएल मैक्रों के साथ बैठकें की. ब्रिटेन के उच्च राजनयिक द्वारा ईयू पर जानबूझकर सहयोग न करने का आरोप लगाने के बाद जॉनसन ने ईयू के नेताओं, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उरसुला वॉन डर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिचेल से भी मुलाकात की.Also Read - आर्थिक तौर तरीकों पर चीन को चुनौती देंगे ये ताकतवर देश, जी-7 के नेताओं में बनी सहमति

यह मुलाकात कार्बिस बे के रिजॉर्ट में हुई जहां जी-7 के नेता एकत्र हो रहे हैं. दोनों पक्ष उत्तरी आयरलैंड के मुद्दे पर बढ़ते राजनयिक तनाव के बीच गतिरोध की स्थिति में हैं. उत्तरी आयरलैंड ब्रिटेन का एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जिसकी सीमा ईयू के सदस्य देश से लगती है. Also Read - 47th G7 Summit: पीएम मोदी ने 47वें जी-7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र को किया संबोधित, दिया 'वन अर्थ, वन हेल्थ' का मंत्र

ईयू से ब्रिटेन के अलग होने के बाद कुछ सामानों के परिवहन पर पाबंदी लगी है और ईयू का आरोप है कि ब्रिटेन के बाकी हिस्सों से उत्तरी आयरलैंड में ऐसी वस्तुएं आ रही हैं और ब्रिटेन उन पर प्रतिबंध लगाने में देर कर रहा है. ब्रिटेन का कहना है कि प्रतिबंधों के कारण व्यापार प्रभावित होगा और इससे उत्तरी आयरलैंड की शांति भंग होने का खतरा है. Also Read - विवादित ट्वीट: ऑली रॉबिन्सन का बचाव करने पर PM बोरिस जॉनसन पर भड़के फारुख इंजीनियर

इस विवाद से अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन भी चिंतित हैं और वह इसे उत्तरी आयरलैंड शांति समझौता के लिए खतरे के तौर पर देख रहे हैं. जॉनसन के साथ हुई मुलाकात के बाद वॉन डर लेयेन ने ट्वीट किया कि उत्तरी आयरलैंड की शांति सर्वोपरि है और ब्रेग्जित के समझौते के तहत उसकी रक्षा हो रही है. उन्होंने कहा, “हम ब्रिटेन के साथ बेहतर संबंध चाहते हैं. दोनों पक्षों को उसका पालन करना होगा जिस पर हम सहमत हुए हैं. इस पर ईयू में सभी एकमत हैं.”

(इनपुट भाषा)