बीजिंग. चंद्रमा पर उतरने वाले चीन के चांग‘इ-4 अंतरिक्षयान ने उतरने वाली जगह के व्यापक दृश्य को दर्शाने वाली पहली तस्वीर भेजी है. शुक्रवार को आधिकारिक मीडिया की एक खबर में यह जानकारी दी गई. यह यान धरती से कभी न नजर आने वाले चंद्रमा के सबसे दूर के हिस्से पर उतरने वाला पहला अंतरिक्षयान है. अंतरिक्ष महाशक्ति बनने के चीन के मनोबल को बढ़ाते हुए चांग‘इ-4 तीन जनवरी को चंद्रमा के सबसे दूर के हिस्से में उतरा और प्राकृतिक उपग्रह के कभी न देखे गए हिस्से तक पहुंचने वाला विश्व का पहला अंतरिक्षयान बन गया. शुक्रवार शाम 4.47 बजे बीजिंग एयरोस्पेस कंट्रोल सेंटर में लैंडर और रोवर की तस्वीरें एक बड़ी स्क्रीन पर दिखाई गईं. दोनों लैंडर पर चीनी राष्ट्रध्वज नजर आ रहे थे और तस्वीरों की पृष्ठभूमि में चंद्रमा की सतह नजर आ रही थी.

सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की खबर के मुताबिक चीन राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन (सीएनएसए) ने लैंडर के सबसे ऊपरी हिस्से पर लगे कैमरे से ली गई 360 डिग्री का विशाल दृश्य पेश करने वाली तस्वीरें जारी की. खबर में बताया गया कि ये तस्वीरें क्वेक्यिाओ उपग्रह से भेजी गईं. साथ ही इसमें बताया गया कि इन तस्वीरों से वैज्ञानिकों को अंतरिक्षयान के आस-पास मौजूद भू-भाग एवं मैदान के प्राकृतिक रूप का प्रारंभिक विश्लेषण करने में मदद मिलेगी.

चीन ने शुक्रवार को चांग ई-4 मिशन को पूरी तरह सफल बताया. इस मिशन में अंतरिक्षयान ने चंद्रमा के सुदूर क्षेत्र में कदम रखा था. रिले उपग्रह क्वीकियाओ (मैगपी ब्रिज) की सहायता से चांग ई-4 के रोवर युतु-2 (जेड रैबिट-2) और लैंडर ने एक-दूसरे की तस्वीरें ली हैं, जो इसके सुचारू रूप में कार्य करने का संकेत है. चाइना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (सीएनएसए) ने कहा कि जांच में शामिल वैज्ञानिक उपकरणों ने अच्छी तरह से काम किया है और रोवर द्वारा ली गई तस्वीरें और डेटा को वापस ग्राउंड कंट्रोल में भेज दिया गया है. चांग ई-4 तीन जनवरी को 177.6 डिग्री पूर्वी देशांतर और 45.5 डिग्री दक्षिणी अक्षांश में चांद के अनदेखे हिस्से में उतरा था और फिर बीती रात रोवर चंद्रमा की सतह पर उतरा था.

इनपुट – एजेंसियां