The Great Resignation: लाखों ऑस्ट्रेलियाई अपनी नौकरी छोड़ने की तैयारी में, सैलरी नहीं सम्मान की है तलाश

The Great Resignation: एक ऐसी नौकरी जिसमें सम्मान तो नहीं मिलता, अच्छे काम के लिए तारीफ भी नहीं मिलती. आपकी भावनाओं की कद्र नहीं होती तो आप क्या करेंगे. दुनियाभर में 40 फीसद लोग अपनी मौजूदा नौकरी से इस्तीफा देने की तैयारी में हैं.

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The Great Resignation: इस समय पूरे अमेरिका (USA) में The Great Resignation नाम से एक अलग ही ट्रेंड चल रहा है. लाखों अमेरिकी बिना कोई दूसरी नौकरी (Job) पकड़े अपनी नौकरी से इस्तीफा दे रहे हैं. इनमें हर तरह की इंडस्ट्री से जुड़े लोग शामिल हैं. दूसरी तरफ भारत है, जहां लाखों बेरोजगार लोग रोज घर से निकलते हैं; ताकि उन्हें एक जॉब मिल जाए. खैर बात The Great Resignation की करें तो यह अब दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी फैल रहा है. अब ऑस्ट्रेलिया में भी इस ट्रेंड के जोर पकड़ने की पूरी आशंका है.

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केली नोल्स (बदला हुआ नाम) एक बड़े बैंक में सीनियर लीडरशीप की भूमिका में हैं. उन्हें सैलरी भी लाखों में मिलती है, लेकिन वह भी जल्द ही अपनी इस जॉब से इस्तीफा देना चाहती हैं. वे अपनी इस जॉब को एब्यूजिव रिलेशनशिप (अपमानजनक रिश्ता) मानती हैं. केली नोल्स अकेली नहीं हैं, बल्कि लाखों ऑस्ट्रेलियाई नागरिक उनकी ही तरह सोचते हैं और आने वाले कुछ महीनों में The Great Resignation का हिस्सा बनते हुए अपनी-अपनी नौकरियां छोड़ना चाहते हैं.

अमेरिका की बात करें तो जॉब ओपनिंग्स एंड लेबर टर्नओवर सर्वे के अनुसार सिर्फ अगस्त महीने में ही 43 लाख लोगों ने अपनी नौकरियां छोड़ दी थीं. इसमें फ्रंटलाइन वर्कर्स से लेकर वरिष्ठ अधिकारी तक सभी शामिल हैं. माइक्रोसॉफ्ट की रिसर्च के अनुसार पूरी दुनिया में 40 फीसद लोग इस साल अपनी कंपनी से इस्तीफा देने की तैयारी कर रहे हैं.

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वापस ऑस्ट्रेलिया की बात करते हैं. केली नोल्स पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से बैंक में काम करती हैं. वह कहती हैं जब वह इस्तीफा देंगी तो उनके मैनेजर्स को आश्चर्य होगा, क्योंकि उन्हें जीवनदाता के रूप में देख जाता है. केली एक बच्चे की मां हैं और उन्होंने बताया कि पैंडेमिक के दौरान उन्होंने इतना काम किया, जितना उन्होंने पहले कभी नहीं किया था. इस दौरान वह कभी न खत्म होने वाली जूम मीटिंग्स से जूझती रहीं, नए ग्राहकों की समस्याएं भी सुनीं.

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वह कहती हैं, मैंने अपनी जीवन में पहली बार पूरी रात भर बैठकर काम किया. मैं सुबह 8 से अगले दिन सुबह 8 बजे तक काम करती थी. तीन महीने तक मैंने हर हफ्ते 60-70 घंटे काम किया और इसके लिए न तो मुझे पुरस्कृत किया गया न ही मेरे काम को पहचान मिली. केली कहती हैं, सिडनी में पहले लॉकडाउन के बाद मुझे लगने लगा था कि मैं बिना किसी एहसान के बहुत से लोगों के लिए काम कर रही हूं. सबसे ज्यादा दुखद तो लोगों का एक-दूसरे के प्रति व्यवहार था.

केली कहती हैं, 'हमने अपने पूरे करियर में इस वर्क कल्चर को स्वीकार किया है, लेकिन अब नहीं. मेरे पास कोई दूसरी नौकरी नहीं है, फिर भी मैं नौकरी छोड़ने जा रही हूं. मैं अब अपनी मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रही हूं, इनमें निवेश कर रही हूं. सच में ऐसा लग रहा है, जैसे में इस बेमेल रिश्ते को छोड़कर बाहर निकल रही हूं. मैं बहुत उत्साहित हूं और बाहर एक खूबसूरत व अच्छी दुनिया है, जिसे अंतत: मैं देख पाऊंगी.'

ग्लोबल रिसर्च एंड एडवाइजरी फर्म गार्टनर के बिहेवियरल साइंटिस्ट एरॉन मैकएवान के अनुसार The Great Resignation ऑस्ट्रेलियाई नियोक्ताओं के लिए बड़ा खतरा है

एरॉन मैकएवान के अनुसार ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों और नियोक्ताओं के लिए बड़ी चेतावनी

  1. रिसर्च के अनुसार हर पांच में से तीन ऑस्ट्रेलियाई व्यक्ति अपनी नौकरी बदलना चाहते हैं.
  2. रिसर्च ने कई कंपनियों के टॉप मैनेजमेंट और एचआर को चिंता में डाल दिया है. अगर आप अपने कर्मचारियों के साथ बुरा बर्ताव करते हैं तो The Great Resignation आपके लिए चिंता का विषय है.
  3. मैकएवान कहते हैं इस पैंडेमिक ने लोगों को यह सोचने का अवसर दिया कि उनके लिए क्या ज्यादा महत्वपूर्ण है. क्योंकि इस दौरान उनकी दुनिया काफी हद तक उनके छोटे से परिवार, घर और आसपास के इलाकों तक ही सिमट कर रह गई थी.
  4. वर्क फ्रॉम होम थकाऊ था. कुछ लोगों के अनुसार घर से काम करना दफ्तर में सोने जैसा एहसास था, जिससे बचा नहीं जा सकता था.
  5. क्योंकि हमने वर्चुअल या हाइब्रिड एनवायरमेंट के अनुसार अपने काम को रिडिजाइन नहीं किया, इसलिए लोग थका हुआ महसूस कर रहे हैं.
  6. हमने घर में रहकर भी दफ्तर की तरह काम करने की कोशिश की. इससे प्रोडक्टिविटी और परफॉर्मेंस तो बढ़ी, लेकिन बडा असर ये हुआ कि हम थकने लगे और ऐसा लगा जैसे काम से छुटकारा नहीं मिल रहा.
  7. हर रोज कई लोगों से मिलने वाले, कई दफ्तरों के चक्कर लगाने वाले लोग एक ही जगह (घर) रुके रहे और हर दिन 12-12 घंटे तक जूम मीटिंग करते रहे. ऐसी लाइफस्टाइल ने उन्हें बदलाव के लिए प्रेरित किया.
  8. The Great Resignation के लिहाज से ऑस्ट्रेलिया के नियोक्ताओं पर मार्च 2022 भारी पड़ने वाला है. क्योंकि उस समय तक उन्हें उनका क्रिसमस बोनस मिल चुका होगा और एक बार फिर से नियुक्तियां शुरू हो जाएंगी.
  9. यदि आपकी जॉब में लचीलापन नहीं है तो बहुत संभव है कि आप जल्द ही अपनी कंपनी को छोड़कर दूसरी नौकरी की तलाश करेंगे. अगर वर्क फ्रॉम होम से अचानक दफ्तर बुलाया जाएगा तो यह नौकरी बदलने की लिए एक प्रमुख कारण बनेगा.
  10. सूसन ग्रे (बदला हुआ नाम) 36 वर्षीय एक महिला के साथ ऐसा ही हुआ. उन्होंने मेलबोर्न में 200 दिन तक लॉकडाउन में काम किया और एक दिन अचानक उन्हें दफ्तर बुला लिया गया. दफ्तर की तरफ से न उनके भले-बुरे के बारे में सोचा गया और पूछा तक नहीं गया. वह केंद्र सरकार के एक विभाग में काम करती थी और लाखों डॉलर कमा रही थी. उनका कहना है वह 9-5 की वर्किंग कल्चर में वापस जाने के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं थी. आखिर इस महिला ने नौकरी छोड़ दी.
  11. लोगों के नौकरी छोड़कर जाने का एक बड़ा कारण खाली हुए पदों पर भर्तियां नहीं होना भी है. इससे मौजूदा स्टाफ पर छोड़कर गए कर्मचारी के काम की जिम्मेदारी भी आ जाती है.
  12. एक ताजा रिसर्च के अनुसार ऑस्ट्रेलिया में शिक्षा, आपातकालीन सेवाओं और हेल्थकेयर जैसी जरूरी सेवाओं में काम करने वाले 20 फीसद लोग पैंडेमिक के कारण अपनी नौकरी छोड़ना चाहते हैं. इसका मतलब है कि इन सेवाओं से 7 लाख 60 हजार लोग अपनी मौजूदा नौकरी छोड़ने के लिए तैयार बैठे हैं.
  13. मजेदार बात यह है कि नौकरी छोड़ने का प्रमुख कारण पैसा नहीं है. लोग उन कंपनियों को चुन रहे हैं जिनके पास सांस लेने का वक्त दे. जो उन्हें ज्यादा व्यस्त न रखे और नौकरी में लचीलापन हो.
  14. ऐसे में कई कंपनियां हो सकता है दूसरी बड़ी कंपनियों की तरह मोटी सैलरी न दे पाएं, लेकिन वह अपने कर्मचारियों को हफ्ते में चार दिन या आधे महीने में सिर्फ 9 दिन ही काम करने का ऑफर दें. इससे कर्मचारियों के पास अपने और परिवार के लिए भरपूर समय होगा. ऐसी जॉब के लिए लोग अपनी मौजूदा सैलरी से काफी कम में जाने को भी तैयार हैं.

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Published Date:October 20, 2021 9:01 AM IST

Updated Date:October 20, 2021 9:17 AM IST

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