वाशिंगटन: अमेरिका के रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस का कहना है कि अमेरिका और भारत के बीच गहरा होता सुरक्षा सहयोग दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच बढ़ते विश्वास को दर्शाता है. रोनाल्ड रीगन प्रेसिडेंशियल फाउंडेशन एंड इंस्टीट्यूट में शनिवार को अपने संबोधन में अमेरिकी रक्षामंत्री मैटिस ने कहा कि चीन के साथ अमेरिका सृजनात्मक और परिणामोन्मुखी संबंध चाहता है.

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दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच बढ़ा विश्वास 
मैटिस ने कहा, हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में हम नई साझेदारी बनाकर दशकों-पुराने अपने संबंध को मजबूत बना रहे हैं. इस साल यूएसएस कार्ल विंसन की ऐतिहासिक वियतनाम यात्रा से लेकर भारत के साथ गहरे होते हमारे सुरक्षा संबंध दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच बढ़ते विश्वास को दर्शाते हैं. उनका कहना है कि लेकिन हम घात लगाने वाली आर्थिक नीतियों को स्वीकार नहीं करेंगे और न ही छोटे राष्ट्रों के खिलाफ बल प्रयोग को. कोई भी देश खुद से अंतरराष्ट्रीय आदेशों को नहीं बदल सकता है और ना ही दूसरे देशों के कूटनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा फैसलों पर वीटो लगा सकता है.

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रूस ने चुनावों में किया हस्तक्षेप !
एक सवाल के जवाब में मैटिस ने कहा कि हाल के महीनों में उनकी अपने चीनी समकक्ष के साथ कई बैठकें हुई हैं. अमेरिका की सरकारी न्यूज एजेंसी में आई खबर के अनुसार, इसी संबोधन में मैटिस ने कहा कि रूस ने 2016 राष्ट्रपति चुनावों की तरह नवंबर में हुए मध्यावधि चुनावों में भी हस्तक्षेप का प्रयास किया था. रक्षा मंत्री ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने पिछले महीने भी हमारे चुनावों में हस्तक्षेप करने का प्रयास किया और हम लगातर ऐसे प्रयास होते देख रहे हैं. (इनपुट एजेंसी)