संयुक्‍त राष्‍ट्र (UN) की सुरक्षा परिषद (UNSC) में डिबेट में भारत ने अफगानिस्तान पर बड़ी चिंता जताते हुए प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की बात कही है. अफगानिस्तान पर UNSC डिबेट में UN में भारत के स्थायी प्रतिनिधि TS तिरुमूर्ति ने कहा, अफगानिस्तान में स्थिति अब भी बेहद नाजुक बनी हुई है. इसके पड़ोसी और अपने लोगों के मित्र के रूप में, वर्तमान स्थिति हमारे लिए सीधी चिंता का विषय है.Also Read - Afghanistan: US ने काबुल में ड्रोन हमले को बताया भूल, माना 10 नागरिक मारे गए थे, IS आतंकी नहीं

टीएस तिरुमूर्ति ने कहा, जैसा कि पिछले महीने काबुल हवाई अड्डे पर हुए निंदनीय आतंकवादी हमले से देखा गया है, आतंकवाद अफगानिस्तान के लिए एक गंभीर खतरा बना हुआ है. इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि इस संबंध में की गई प्रतिबद्धताओं का सम्मान किया जाए और उनका पालन किया जाए. Also Read - SCO समिट: PM मोदी ने बढ़ती कट्टरपंथी विचारधारा को लेकर चेताया, अफगानिस्तान का उदाहरण दिया

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UNSC डिबेट में UN में भारत के स्थायी प्रतिनिधि TS तिरुमूर्ति ने कहा, टीएस तिरुमूर्ति ने कहा, इसने हमारी कुछ सामूहिक चिंताओं को ध्यान में रखा, विशेष रूप से आतंकवाद पर, जहां इसने तालिबान की प्रतिबद्धता को नोट किया है कि वह आतंकवाद के लिए अफगान भूमि के उपयोग की अनुमति नहीं देगा, जिसमें आतंकवादियों और आतंकवादी समूहों को संकल्प 1267 के तहत नामित किया गया है.

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा, अफगान क्षेत्र का इस्तेमाल किसी देश को धमकाने या हमला करने या आतंकवादियों को पनाह देने या प्रशिक्षित करने के लिए या आतंकवादी कृत्यों की योजना बनाने या वित्तपोषण के लिए नहीं किया जाना चाहिए.

तिरुमूर्ति ने कहा, हमने पिछले महीने के दौरान अफगानिस्तान की स्थिति में नाटकीय बदलाव देखा है. सुरक्षा परिषद ने अगस्त में तीन बार बैठक की और मौजूदा स्थिति पर सामूहिक रूप से घोषणा की. यूएनएससीआर 2593 ने तालिबान के इस बयान पर भी ध्यान दिया कि अफगान बिना किसी बाधा के विदेश यात्रा कर सकेंगे. हमें उम्मीद है कि इन प्रतिबद्धताओं का पालन किया जाएगा.

भारत के स्थायी प्रतिनिधि TS तिरुमूर्ति ने कहा, ” अफगान बच्चों की आकांक्षाओं को साकार करना और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करना है. हम मानवीय सहायता तत्काल प्रदान करने का आह्वान करते हैं और इस संबंध में संयुक्त राष्ट्र और अन्य एजेंसियों को निर्बाध पहुंच प्रदान करने की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं.

टीएस तिरुमूर्ति ने कहा, ”भारत अफगानिस्तान में समावेशी व्यवस्था का आह्वान करता है जो अफगान समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करता है. एक व्यापक-आधारित, समावेशी और प्रतिनिधि गठन, जो समावेशी बातचीत वाले राजनीतिक समझौते के माध्यम से प्राप्त हुआ, अधिक अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता और वैधता प्राप्त करेगा.