काबुल: अमेरिका और तालिबान के वार्ताकार अफगानिस्तान में शांति के लिए अहम मुद्दों पर सिद्धांत रूप में समझौते पर पहुंच चुके हैं. अमेरिका के एक शीर्ष दूत ने यह बात कही है. अमेरिकी दूत ज़लमय खलीलज़ाद ने यह बात पिछले हफ्ते क़तर में तालिबान के साथ छह दिन बातचीत करने बाद कही है, जहां उन्होंने विद्रोहियों से अफ़ग़ान राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी की सरकार के साथ सीधी बातचीत करने का आग्रह किया था.

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अंतिम रूप दिया जाना बाकी
न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए साक्षात्कार में खलीलज़ाद ने कहा कि तालिबान के साथ शांति समझौते की रूपरेखा को लेकर सिद्धांत रूप में समझौता हो चुका है, जिसे अंतिम रूप दिया जाना बाकी है. यह समझौता विद्रोहियों को यह गारंटी देने के लिए प्रतिबद्ध करेगा कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी समूहों या व्यक्तियों के अड्डे के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत संघर्ष विराम लागू होने के बदले अमेरिकी सैनिकों की पूरी तरह वापसी और तालिबान और अफगान सरकार के बीच बातचीत की राह बनेगी. अमेरिकी दूतावास द्वारा जारी अपने बयान में खलीलज़ाद ने कहा, हमने अपनी चर्चा में महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रगति की है और कुछ अहम मुद्दों पर समझौते को लेकर सैद्धांतिक सहमति बनी है.

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वहीँ दूसरी तरफ अफगानिस्तानी लड़ाकू विमानों ने सोमवार को कांधार प्रांत में स्थित तालिबान के प्रशिक्षण केंद्रों पर हवाई हमला किया था जिसमें कम से कम 19 आतंकवादी मारे गए थे जबकि 11 अन्य घायल हो गए थे. सरकारी प्रवक्ता अजीज अहमद अजीजी ने समाचार एजेंसी सिन्हुआ से कहा, “खुफिया जानकारी मिलने पर लड़ाकू विमानों ने सोमवार तड़के पाकिस्तानी सीमा से लगे स्पिन बोल्डाक जिले के सारासहाना क्षेत्र में तालिबान के आतंकी प्रशिक्षण केंद्र पर हमला कर दिया, जिसमें 19 विद्रोही मारे गए और 11 अन्य घायल हो गए.” उन्होंने कहा कि तालिबान यहां आत्मघाती हमलावरों को प्रशिक्षण दिया करता था. हवाई हमले पर फिलहाल आतंकवादी संगठन का कोई बयान नहीं आया है.

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