न्यूयार्क: एक नए रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. शोध के मुताबिक, बदलती लाइफ स्टाइल, सोशल मीडिया का बहुत ज्यादा प्रयोग लोगों में सोशल जेट लैग की समस्या बढ़ा रहा है इसके चलते लोग अपनी बायो-लॉजिकल क्लॉक को बाधित कर रहे हैं. शोधकर्ताओं के मुताबिक, इस वजह से लोगों में नींद की समस्या, मोटापा, मधुमेह और हृदय रोग जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं. Also Read - लॉकडाउन डायरी: टाइम पास करने के लिए इन दिनों ये काम कर रही हैं कृति सेनन

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जैविक घड़ी बिगड़ जाती है
शोधकर्ताओं का कहना है कि लोगों के सोशल मीडिया के अधिक उपयोग से काफी अधिक ‘सोशल जेट लैग’ की समस्या होती है और उनकी जैविक घड़ी बिगड़ जाती है. लोग सोशल मीडिया पर अपने दैनिक कार्यक्रमों और स्कूल के कार्यक्रमों का वर्णन करते हैं. यह खुलासा ट्विटर पर लोगों की गतिविधियों का अध्ययन करने के बाद हुआ. ‘सोशल जेट लैग’ एक ऐसी बीमारी है जो हमारे शरीर की आंतरिक गतिविधियों और हमारे दैनिक (रूटीन) कार्यक्रमों के अंतर से संबंधित है, ये हमारे रूटीन को बुरी तरह से बिगाड़ रहा है जो कि पहले से ही हमारी स्वास्थ्य समस्या से जुड़ा है. Also Read - कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच वायरल हो रही हैं कपिल शर्मा की बेटी Anayra की तस्वीरें, खिलखिलाता हुआ चेहरा देखकर उदास मन खुश हो जाएगा

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‘ट्विटर सोशल जेट लैग’ की तीव्रता मौसम और भौतिक आधार पर तय होती है. इसका संबंध हमारे आने-जाने के औसम कार्यक्रमों से है. शिकागो विश्वविद्यालय के मिशेल रस्ट ने कहा, “जब हम देखते हैं कि कैसे सोशल जेट लैग साल भर बदलता है तो हमें पता चलता है कि अब तक जिन कार्यक्रमों की अधिकता होती है वह हमारा सामाजिक कैलेंडर बन जाता है.

उन्होंने कहा, इसके अनुसार, आधुनिक समाज के मानवों में एक जैविक लय होती है जो कहीं ना कहीं साल भर में सूरज की रोशनी के अनुसार बदलती रहती है.” शोधकर्ताओं ने इससे पहले ‘सोशल जेट लैग’ को साप्ताहिक दिनों और सप्ताहांत में जागने और सोने के समय और विशेष गतिविधियों के अनुसार मांपा था. जर्नल ‘करंट बायोलॉजी’ में प्रकाशित एक नए अध्ययन के अनुसार, टीम ने 2012-13 के दौरान अमेरिका के 15 सौ से ज्यादा जिलों के सामान्य ट्विटर आंकड़ों का अध्ययन किया. (इनपुट एजेंसी)