वॉशिंगटन: अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सऊदी अरब के अधिकारियों ने पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या मामले को छिपाने की सबसे बदतर कोशिश की. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इस मामले में शामिल कुछ वरिष्ठ अधिकारियों का वीजा खत्म करके सबसे पहली कार्रवाई की.

सऊदी अरब ने माना, इस्तांबुल के दूतावास में उसके अधिकारियों के हाथों हुई पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या

खशोगी का आना-जाना पहले सऊदी अरब के शाही परिवार में था, लेकिन बाद में वह वली अहद (क्राउन प्रिंस) मोहम्मद बिन सलमान के आलोचक हो गए. उनकी शादी होने वाली थी और उससे जुड़ा दस्तावेज लेने के लिए खशोगी 2 अक्टूबर को इस्तांबुल में सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास गए जहां से वह लापता हो गए थे.

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आखिरकार सऊदी अरब ने कबूला
इस मामले में अभी तक ट्रंप की यह सबसे अहम टिप्पणी है. ट्रंप ने कहा कि खशोगी की मौत से जुड़े घटनाक्रम को छिपाने की यह सबसे खराब कोशिश थी. चौतरफा घिरने के बाद आखिरकार सऊदी अरब ने कबूल किया है कि वॉशिंगटन पोस्ट के लिए लिखने वाले 59 वर्षीय खशोगी की हत्या इस्तांबुल स्थित उसके वाणिज्य दूतावास में की गई थी.

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सबसे बदतर ढंग से मामले को छिपाने की कोशिश की
ओवल ऑफिस में मंगलवार को ट्रंप ने मीडियाकर्मियों को बताया, ”उनकी (सऊदी अरब) बहुत ही खराब मंशा थी. इस मामले को और बदतर बनाया गया. और यह मामले को दबाने की इतिहास की सबसे बदतर कोशिश है. बहुत ही आसानी से. बेहद घटिया करतूत. इसकी कभी कल्पना नहीं की जा सकती थी. किसी ने वास्तव में गड़बड़ी की. और उन्होंने अब तक के सबसे बदतर ढंग से मामले को छिपाने की कोशिश की.

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अमेरिका ने अरब अफसरों के वीजा रद्द किए
अमेरिका ने सऊदी अरब के उन अधिकारियों का अमेरिकी वीजा रद्द करने की घोषणा की है, जो पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या में शामिल हैं. सऊदी अरब ने स्वीकार किया है कि तुर्की के इस्तांबुल में उसके वाणिज्य दूतावास में 59 वर्षीय इस पत्रकार की हत्या हुई.

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हत्‍या में शामिल लोगों दोषी ठहरने की कोशिश करेगा यूएस
अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने मीडियाकर्मियों को बताया कि अमेरिका इस मामले से जुड़े हर महत्वपूर्ण तथ्य की मांग करता रहेगा और अपनी देश की संसद और अन्य देशों के साथ मिलकर अमेरिका उन लोगों को जिम्मेदार ठहराने के लिए काम करेगा जो इस हत्या में शामिल हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास इस मामले से संबंधित जो जानकारियां हैं, उस पर प्रशासन उचित कार्रवाई कर रहा है.

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मोहम्मद बिन सलमान के रुतबे को आघात
पोम्पिओ ने कहा कि अमेरिका ने खशोगी की हत्या में शामिल कम से कम कुछ लोगों की पहचान की है. इन लोगों में सऊदी अरब की खुफिया सर्विस, रॉयल कोर्ट और सऊदी विदेश मंत्रालय के लोग हैं. खशोगी का ताल्लुक पहले सऊदी अरब के शाही परिवार से था, लेकिन बाद में वह वली अहद (क्राउन प्रिंस) मोहम्मद बिन सलमान के आलोचक हो गए. इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मोहम्मद बिन सलमान के रुतबे को गहरी चोट पहुंचाई है.

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