हेलसिंकी: फिनलैंड (Finland) के सोशल डेमोक्रेट ने रविवार को प्रधानमंत्री पद के लिए 34 वर्षीय पूर्व परिवहन मंत्री सना मरीन (Sanna Marin) का चुनाव किया. इस चयन प्रक्रिया के बाद मरिन देश के इतिहास में सबसे कम उम्र की प्रधानमंत्री बन गईं. सना मरीन ने निवर्तमान नेता एंटी रिने (Antti Rinne) को पद से हटाने में वोटिंग के जरिए सफलता हासिल कर ली. मंगलवार को डाक हड़ताल से नहीं निपट पाने की वजह से उन्होंने गठबंधन सहयोगी पार्टी का विश्वास खो दिया, जिसके बाद रिने को पद से इस्तीफा देना पड़ा.

रविवार की रात पत्रकारों से बातचीत में मरीन ने अपनी उम्र के बारे में बताते हुए कहा, “हमें लोगों के विश्वास का पुनर्निर्माण करने के लिए बहुत सारे काम करने हैं.” “मैंने अपनी उम्र या अपने जेंडर के बारे में कभी नहीं सोचा है, मैं उन कारणों के बारे में सोचती हूं जो मुझे राजनीति में मिले और जिन चीजों के लिए हमने मतदाताओं का विश्वास जीता है.” बता दें कि 34 साल की उम्र में, मरीन अपने देश यूक्रेन की सबसे कम उम्र की प्रधानमंत्री बनी हैं साथ ही दुनिया में सबसे कम उम्र प्रधानमंत्री की सूची में शामिल हो गई हैं.

यह 34 वर्षीय महिला बनने वाली हैं दुनिया की सबसे युवा प्रधानमंत्री, इनकी खूबसूरती है लाजवाब

मारिन ने कहा- पूर्व पीएम एंटी रिने ने जून से फिनलैंड के पांच सेंटर लेफ्ट पार्टियों का नेतृत्व किया था. मरीन की नियुक्ति से सामाजिक डेमोक्रेट-नेतृत्व वाली प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण नीतियों में बदलाव नहीं किया जा सका. साथ ही उनके नेतृत्व में बदलवा की संभावना भी नहीं है. मरीन ने कहा “हमारे पास एक साझा सरकारी कार्यक्रम है जिसे हम करने के लिए प्रतिबद्ध है.”

मरीन ने कहा- पूर्व पीएम एंटी रिने ने जून से फिनलैंड के पांच सेंटर लेफ्ट पार्टियों का नेतृत्व किया था. मारिन की नियुक्ति से सामाजिक डेमोक्रेट-नेतृत्व वाली प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण नीतियों में बदलाव नहीं किया जा सका. साथ ही उनके नेतृत्व में बदलवा की संभावना भी नहीं है. मारीन ने कहा “हमारे पास एक साझा सरकारी कार्यक्रम है जिसे हम करने के लिए प्रतिबद्ध है.”