Tax Robots: जब AI और रोबोट ज्यादातर इंसानोंकी नौकरी ले लेंगे, तो इंसान क्या करेंगे. उन्हें महीने की सैलरी कैसे मिलेगी. यह सवाल हर किसी के जेहन में आ रहा है. अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने टेक अरबपतियों से यही सवाल किया है, अगर मशीनें काम करेंगी, तो लोगों को पैसे कौन देगा?
लाखों लोगों की इनकम जीरो
बर्नी सैंडर्स ने चेतावनी दी है कि बिना रोक-टोक के ऑटोमेशन से भविष्य में बड़े पैमाने पर बेरोजगारी और लाखों लोगों की इनकम जीरो हो सकती है. सैंडर्स चेतावनी दे रहे हैं कि समाज एक ऐसे भविष्य की ओर बढ़ सकता है जहां मशीनें बहुत ज़्यादा दौलत पैदा करेंगी, जबकि लाखों लोगों को नौकरियों से निकाल दिया जाएगा. जैसे-जैसे AI और रोबोटिक्स तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं और काम की जगहों पर इंसानी श्रम की जगह ले रहे हैं.
सैंडर्स ने किया पोस्ट
X (पहले ट्विटर) पर हाल ही में एक पोस्ट में, सैंडर्स ने ऑटोमेशन की गति की आलोचना करते हुए कहा कि पॉलिसी बनाने वाले AI से होने वाली बड़ी उथल-पुथल के लिए खतरनाक रूप से तैयार नहीं हैं. अगर मशीनें सभी इंडस्ट्री में मजदूरों की जगह ले लेती हैं, तो जो लोग बेरोजगार होंगे, उनके हेल्थकेयर, घर और खाने का खर्च कौन उठाएगा?
सैंडर्स ने लिखा, अमेजन जैसी कंपनियां मज़दूरों की जगह रोबोट क्यों लगाएंगी? यह बहुत आसान है. रोबोट को सैलरी, हेल्थ केयर, छुट्टी, बीमारी की छुट्टी, सोशल सिक्योरिटी, मेडिकेयर या बेरोज़गारी भत्ता नहीं चाहिए. शायद अब रोबोट पर टैक्स लगाने और उससे मिलने वाले रेवेन्यू का इस्तेमाल कामकाजी परिवारों की मदद के लिए करने का समय आ गया है.
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उन्होंने कहा कि टेस्ला और स्पेसएक्स के चीफएलन मस्क ने सुझाव दिया है कि AI और रोबोट सभी नौकरियों की जगह ले लेंगे और काम करना आखिरकार ऑप्शनल हो सकता है. सैंडर्स ने गेट्स का भी जिक्र किया, जिन्होंने पहले कहा था कि अगले दशक के भीतर, AI ज़्यादातर काम कर पाएगा और ज्यादातर चीजो के लिए” इंसानों की जरूरत नहीं होगी.
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