ऑपरेशन सिंदूर रुकवाने के लिए पाकिस्तान ने किसके-किसके सामने जोड़े हाथ? लॉबी फर्म की सेवा ली, 50000 डॉलर फीस दी

Operation Sindoor: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाकिस्तान की लॉबिंग फर्मों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अमेरिकी सांसदों, मीडिया को लुभाया था.

Published date india.com Published: January 8, 2026 6:59 AM IST
ऑपरेशन सिंदूर रुकवाने के लिए पाकिस्तान ने किसके-किसके सामने जोड़े हाथ? लॉबी फर्म की सेवा ली, 50000 डॉलर फीस दी
(photo credit reuters, for representation only)

Operation Sindoor: पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान और बाद में लॉबिंग फर्मों की मदद ली थी. इन लॉबिंग फर्मों ने वाशिंगटन डीसी में शीर्ष अमेरिकी राजनेताओं तक इस्लामाबाद की पहुंच बनाने में मदद करने के लिए एक बड़ा प्रयास किया. अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) में दायर कागजात में ये खुलासे हुआ हैं.

सांसदों और पत्रकारों तक पहुंचने में पाकिस्तान की मदद

एचटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक स्क्वॉयर पैटन बोग्स (SPG) जैसी स्थापित फर्मों और जेवलिन एडवाइजर्स ने पाकिस्तान की मदद की. इन्होंने प्रतिनिधि सभा और अमेरिकी सीनेट में डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टियों के नेतृत्व के साथ-साथ दोनों सदनों में विदेश नीति के मामलों से निपटने वाले कई सांसदों तक पहुंचने में मदद की.

लॉबिंग फर्म्स ऑपरेशन सिंदूर के दौरान और बाद में न्यूयॉर्क टाइम्स और वॉल स्ट्रीट जर्नल जैसे अमेरिकी अखबारों के रिपोर्टर्स के संपर्क में भी थीं.

ट्रंप के पूर्व बॉडीगार्ड की कंपनी को दी 50,000 डॉलर की मासिक फीस

जेवलिन एडवाइजर्स डोनाल्ड ट्रम्प के पूर्व अंगरक्षक कीथ शिलर और पूर्व ट्रम्प ऑर्गनाइजेशन के कार्यकारी जॉर्ज सोरियल की कंपनी है. पाकिस्तान ने अप्रैल में $50,000 की मासिक फीस पर इसे काम पर रखा था.

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7 बड़े नेताओं से संपर्क

फर्म के DOJ के पास दायर दस्तावेजों के अनुसार, जेवलिन एडवाइजर्स ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्लामाबाद के लिए लॉबिंग करने के लिए सीनेट मेजॉरिटी लीडर जॉन थ्यून, सीनेट माइनॉरिटी लीडर चक शूमर, हाउस मेजॉरिटी लीडर स्टीव स्कैलिस और हाउस माइनॉरिटी लीडर हकीम जेफ्रीज़ जैसे प्रभावशाली अमेरिकी राजनेताओं के कार्यालयों से संपर्क किया.

फर्म ने उन सांसदों को भी निशाना बनाया जो दोनों सदनों में विदेश मामलों और दक्षिण एशिया से संबंधित प्रमुख समितियों का नेतृत्व करते हैं. इसने सीनेटर जीन शाहीन, टॉम कॉटन और रिचर्ड ब्लूमेंथल के कार्यालयों से भी संपर्क किया – जो विभिन्न रूप से विदेश संबंध, खुफिया और सशस्त्र सेवा पर सीनेट समितियों में काम करते हैं.

7 मई को फोन कॉल की भी व्यवस्था

जेवलिन ने 7 मई को पाकिस्तानी राजदूत रिजवान सईद शेख और हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के चेयरमैन ब्रायन मास्ट के बीच एक कॉल की व्यवस्था की. इसका मकसद नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच तनाव पर चर्चा करना था.

खुलासों के अनुसार, SPG ने एक सूचनात्मक नोट भी बांटा जिसमें ऑपरेशन सिंदूर पर पाकिस्तान की स्थिति के बारे में बताया गया था. नोट में भारत पर पाकिस्तान के अंदर आतंकवाद का समर्थन करने का आरोप लगाया गया है. इसके अलावा अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमले में किसी भी संलिप्तता से इनकार किया गया है. यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कश्मीर विवाद को सुलझाने में मदद करने की इच्छा का भी स्वागत करता है.

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