
Vineet Sharan
Vineet Sharan Srivastava एक भारतीय पत्रकार और डिजिटल न्यूज एक्सपर्ट हैं, जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में 17 वर्षों का अनुभव है. वह असिस्टेंट न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं ... और पढ़ें
Operation Sindoor: पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान और बाद में लॉबिंग फर्मों की मदद ली थी. इन लॉबिंग फर्मों ने वाशिंगटन डीसी में शीर्ष अमेरिकी राजनेताओं तक इस्लामाबाद की पहुंच बनाने में मदद करने के लिए एक बड़ा प्रयास किया. अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) में दायर कागजात में ये खुलासे हुआ हैं.
एचटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक स्क्वॉयर पैटन बोग्स (SPG) जैसी स्थापित फर्मों और जेवलिन एडवाइजर्स ने पाकिस्तान की मदद की. इन्होंने प्रतिनिधि सभा और अमेरिकी सीनेट में डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टियों के नेतृत्व के साथ-साथ दोनों सदनों में विदेश नीति के मामलों से निपटने वाले कई सांसदों तक पहुंचने में मदद की.
लॉबिंग फर्म्स ऑपरेशन सिंदूर के दौरान और बाद में न्यूयॉर्क टाइम्स और वॉल स्ट्रीट जर्नल जैसे अमेरिकी अखबारों के रिपोर्टर्स के संपर्क में भी थीं.
जेवलिन एडवाइजर्स डोनाल्ड ट्रम्प के पूर्व अंगरक्षक कीथ शिलर और पूर्व ट्रम्प ऑर्गनाइजेशन के कार्यकारी जॉर्ज सोरियल की कंपनी है. पाकिस्तान ने अप्रैल में $50,000 की मासिक फीस पर इसे काम पर रखा था.
फर्म के DOJ के पास दायर दस्तावेजों के अनुसार, जेवलिन एडवाइजर्स ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्लामाबाद के लिए लॉबिंग करने के लिए सीनेट मेजॉरिटी लीडर जॉन थ्यून, सीनेट माइनॉरिटी लीडर चक शूमर, हाउस मेजॉरिटी लीडर स्टीव स्कैलिस और हाउस माइनॉरिटी लीडर हकीम जेफ्रीज़ जैसे प्रभावशाली अमेरिकी राजनेताओं के कार्यालयों से संपर्क किया.
फर्म ने उन सांसदों को भी निशाना बनाया जो दोनों सदनों में विदेश मामलों और दक्षिण एशिया से संबंधित प्रमुख समितियों का नेतृत्व करते हैं. इसने सीनेटर जीन शाहीन, टॉम कॉटन और रिचर्ड ब्लूमेंथल के कार्यालयों से भी संपर्क किया – जो विभिन्न रूप से विदेश संबंध, खुफिया और सशस्त्र सेवा पर सीनेट समितियों में काम करते हैं.
जेवलिन ने 7 मई को पाकिस्तानी राजदूत रिजवान सईद शेख और हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के चेयरमैन ब्रायन मास्ट के बीच एक कॉल की व्यवस्था की. इसका मकसद नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच तनाव पर चर्चा करना था.
खुलासों के अनुसार, SPG ने एक सूचनात्मक नोट भी बांटा जिसमें ऑपरेशन सिंदूर पर पाकिस्तान की स्थिति के बारे में बताया गया था. नोट में भारत पर पाकिस्तान के अंदर आतंकवाद का समर्थन करने का आरोप लगाया गया है. इसके अलावा अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमले में किसी भी संलिप्तता से इनकार किया गया है. यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कश्मीर विवाद को सुलझाने में मदद करने की इच्छा का भी स्वागत करता है.
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