नई दिल्ली: जापान में मंगलवार को 25 साल का सबसे शक्तिशाली तूफान आया. देश में तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण अभी तक आठ लोग मारे गये हैं जबकि कई अन्य घायल हुए हैं. तेज हवाओं ने मकानों की छतों को उड़ा दिया, पुलों पर खड़े ट्रक पलट गये और ओसाका खाड़ी में खड़े टैंकर जहाज को भी वह अपने साथ उड़ा ले गयीं.Also Read - Omicron Variant का खतरा: केंद्र सरकार ने की हाई लेवल मीटिंग, इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर निर्णय की फि‍र समीक्षा कर सकता है भारत

टैंकर के एक पुल से टकराने और पुल को पहुंची क्षति के कारण कंसाई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मुख्य द्वीप से कट गया. इस कारण करीब 3,000 लोग फंस गये हैं. हवाई अड्डे का कहना है कि वह पुल को पहुंची क्षति का आंकलन कर रहे हैं, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि यात्री कब अपने गंतव्य पर रवाना हो सकते हैं. Also Read - चीन और उत्तर कोरिया की सैन्य गतिविधियों ने बढ़ाई चिंता, जापान ने भी बढ़ाया रक्षा बजट

तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण हवाई अड्डे पर पानी भर गया और कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं. पश्चिमी जापान में दोपहर में 216 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चक्रवाती तूफान जेबी आया. यह इलाका इस साल गर्मी में हुई भयावह बारिश से अभी उबर ही रहा है. Also Read - Covid19: सोमवार से पर्यटकों को छोड़ अन्य अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को पाबंदियों में ढील देगा जापान

प्रधानमंत्री शिन्जो आबे ने लोगों से जल्द से जल्द जगह खाली करने की अपील की और अपनी सरकार से निवासियों को बचाने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए. मौसम एजेंसी के प्रमुख अनुमानकर्ता रयुता कुरोरा ने बताया कि जेबी अपने केन्द्र से 162 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकता है. यह 1993 के बाद से आया सबसे भीषण तूफान है.

(इनपुट: एजेंसी)