इस्राइल: दक्षिणी शहर किरयात गात में मंगलवार को महात्मा गांधी को उनकी 150  वीं जयंती पर इस्राइलियों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. बापू को श्रद्धांजलि यहां महात्मा गांधी गोलचक्कर पर दी गई. किरयात गात देश के दक्षिणी हिस्से में एक छोटा सा शहर है जहां बेने इस्राइल समुदाय के करीब दो हजार भारतीय रहते हैं.

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इस देश में महात्मा गांधी के नाम पर पहला और एकमात्र गोलचक्कर किरयात गात में है जिसका उद्घाटन जनवरी, 2016 को हुआ था. इस शहर की स्थापना 60 साल पहले हुई थी. जब से इस गोलचक्कर का उद्घाटन हुआ, तब से हम हर साल अक्टूबर और जनवरी में इस महान आत्मा को श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र हो रहे हैं. इस शहर और पूरे इस्राइल में भारतीय समुदाय के लिए यह गौरव की बात है.

गांधी को याद करना सम्मान की बात
महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए किरयात गात के मेयर अवीराम दाहरी ने कहा, गांधी को याद करना सम्मान की बात है जिनके संदेश अब भी प्रासंगिक हैं. शहर में भारतीय समुदाय के नेता रोगर जुदाह ने कहा, गांधी जयंती समारोह भारत और इस्राइल के लोगों के बीच दोस्ताना रिश्ते का परिचायक है.

अहिंसा के प्रतीक
गांधी के नाम पर इस गोलचक्कर का नाम रखने और वहां नामपटि्टका लगाने की पहल जुदाह ने की थी. इस पट्टिका पर लिखा है, ‘एक ऐसे राजनीतिक और आध्यात्मिक नेता, जिन्होंने ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध संघर्ष में भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की अगुवाई की, और जो सहिष्णुता के तथा संघर्षों का सामना अहिंसक ढंग करने के प्रतीक बन गये. उन्होंने दुनिया भर में स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वालों और मानवाधिकारों के लिए आवाज उठाने वालों को प्रेरणा दी.

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इस्राइल के नेगेव में देश के पहले प्रधानमंत्री डेविड बेन-गुरियन के आवास की एक दीवार पर महात्मा गांधी की एक तस्वीर भी लगी है. यहूदीवाद को मानने वाले नेताओं और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के नेताओं के बीच राजनीतिक मतभेदों के बावजूद महात्मा गांधी यहूदी नेताओं के मध्य बहुत सम्मानित नेता थे. (इनपुट एजेंसी)