सोफिया : यूरोपीय संघ के शीर्ष अधिकारी डोनाल्ड टस्क ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोस्त की तरह नहीं बल्कि दुश्मनों की तरह बर्ताव कर रहे हैं. ईरान के साथ परमाणु समझौते से ट्रंप के पीछे हटने और अमेरिका द्वारा योरोप पर व्यापार संबंधी शुल्क लगाए जाने से यूरोपियन यूनियन के प्रमुख टस्क काफी क्षुब्ध हैं. Also Read - 59 Chinese Apps Ban पर बोले केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, भारत सरकार का यह 'डिजिटल स्ट्राइक'

ट्रम्प जैसे दोस्त हों तो दुश्मनों की क्या जरूरत !
ट्रम्प के बर्ताव से नाराज टस्क ने अमेरिकी प्रशासन की तुलना यूरोप के पारंपरिक विरोधी देश रूस और चीन से कर डाली. यूरोपियन यूनियन के अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क ने बुधवार को बुल्गारिया में हुई एक बैठक में यूरोपीय संघ के नेताओं से अपील करते हुए कहा कि ईरान के साथ परमाणु समझौते से ट्रंप के पीछे हटने और अमेरिका द्वारा यूरोप पर व्यापार संबंधी शुल्क लगाए जाने के खिलाफ वह एक संयुक्त यूरोपीय मोर्चा बनाएं. टस्क ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया फैसलों को देखकर कोई भी यही कहेगा कि, “अगर ट्रंप जैसे दोस्त हैं तो दुश्मनों की जरूरत किसे है “. यूरोप के मंत्रियों ने मंगलवार को ब्रसेल्स में ईरान के एक शीर्ष अधिकारी से भी मुलाकात की थी. सूत्रों के मुताबिक ईरान के साथ परमाणु समझौते से अमेरिका के पीछे हटने के बाद इस समझौते को बचाने के उद्देश्य से यह मुलाकात की गई थी. Also Read - India-China Border Row: अमेरिका ने कहा- भारत व अन्य देशों के खिलाफ आक्रामक रवैया चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का असली चेहरा

यूरोपियन यूनियन से एकजुट होने की अपील
टस्क ने बढ़ती चुनौतियों का सामना करने के लिए बंटे हुए यूरोपियन यूनियन से एकजुट होने का अनुरोध किया. टस्क ने कहा चीन के बढ़ते हुए उभार और रूस के आक्रामक रूख जैसी राजनीतिक चुनौतियों के अलावा, ईयू के सामने एक नई चुनौती ट्रम्प का बर्ताव है. हम एक नए घटनाक्रम को देख रहे हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रशासन मनमाने और एकतरफा फैसले लेने पर अड़ा हुआ है, ऐसी स्थिति में यूनियन को एकजुट हो जाना चाहिए. Also Read - 59 चीनी एप बंद होने के बाद BSNL भी एक्शन में, 4जी टेंडर कैंसिल, चीन की कंपनी को बड़ा झटका

यूरोप के नेता ‘एकजुट ईयू’ पर सहमत
सूत्रों के मुताबिक यूरोप के नेताओं ने ईरान के साथ समझौते को लेकर ‘एकजुट ईयू’ पर सहमति जताई है और कहा है कि अगर ईरान इसका पालन करता है, तो इस समझौते को समर्थन आगे भी जारी रहेगा. बैठक के दौरान ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे, जर्मनी की चालंसलर एंजिला मर्केल और फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने हालात पर अपने विचार रखे. ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, अमेरिका, रूस और चीन ने ईरान समझौते पर हस्ताक्षर किए.
( इनपुट एजेंसी )