'सीजफायर खत्म', ट्रंप का ईरान पर बड़ा हमला, बोले- अब बातचीत का कोई मतलब नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए सीजफायर को बेअसर बताते हुए तीखा बयान दिया. दोनों देशों के बीच फिर सैन्य कार्रवाई तेज हो गई है, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा है.
- ट्रंप ने ईरान के साथ हुए अंतरिम युद्धविराम को अपने लिए खत्म बताया.
- अमेरिका ने कर्मशियल जहाजों पर हमलों के आरोप के बाद ईरान में बड़े सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया.
- ईरान ने जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और ड्रोन को निशाना बनाने का दावा किया.
- बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई.
अमेरिका और ईरान के बीच कुछ सप्ताह पहले हुए अंतरिम युद्धविराम पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ संकेत दिया है कि उनके लिए ये समझौता अब समाप्त हो चुका है. उन्होंने ईरानी नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अब तेहरान के साथ किसी भी तरह की बातचीत का कोई विशेष महत्व नहीं रह गया है. ट्रंप के इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में पहले से मौजूद तनाव और बढ़ गया है.
हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने युद्धविराम को कमजोर कर दिया था. अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने होर्मुज से गुजर रहे तीन व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाया. इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों, निगरानी केंद्रों, मिसाइल प्रतिष्ठानों और बंदरगाहों पर बड़े पैमाने पर हमले किए. बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई पिछले कई महीनों में ईरान के खिलाफ सबसे व्यापक सैन्य अभियान रही.
'ईरान पर भरोसा नहीं जताया जा सकता'
ट्रंप ने एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान कहा कि ईरानी नेतृत्व पर भरोसा नहीं किया जा सकता. उन्होंने दावा किया कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होंगे तो वो उनका इस्तेमाल करने से भी नहीं हिचकेगा. हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि दोनों देशओं के वार्ताकार आगे बातचीत कर सकते हैं, लेकिन उन्हें इससे किसी सकारात्मक परिणाम की उम्मीद नहीं है.
दूसरी तरफ ईरान ने अमेरिकी आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें संदिग्ध बताया है. हालांकि, ईरान लंबे समय से ये कहता रहा है कि होर्मुज से सुरक्षित आवाजाही केवल उन्हीं समुद्री मार्गों से संभव है जिन्हें वो मान्यता देता है. इस संवेदनशील समुद्री क्षेत्र से दुनिया के कुल ऊर्जा व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है, इसलिए यहां किसी भी सैन्य तनाव का असर सीधे वैश्विक बाजारों पर पड़ता है.
अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने भी जवाबी कदम उठाए. रिपोर्टों के अनुसार उसने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने का भी दावा किया है, हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है. दोनों देशों की जवाबी कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को और गहरा कर दिया है.
इस बीच अमेरिका ने ईरान के तेल कारोबार पर नए प्रतिबंध भी लागू कर दिए हैं. ट्रंप के सख्त रुख और ताजा सैन्य घटनाक्रम का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी दिखाई दिया, जहां कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई. निवेशकों को आशंका है कि यदि होर्मुज में तनाव लगातार बढ़ता रहा तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है.
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