'ईरान पर करेंगे आज बड़ा हमला', ट्रंप ने दी लास्ट वार्निंग, कहा - डील कर लो नहीं तो...
US Iran Conflict: ट्रंप की चेतावनी के बाद अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ गया है. इस खबर में आपको बताते हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति किस डील की बात कर रहे हैं.
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने एक दिन पहले भी ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया था. (Photo from IANS)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को लेकर एक बार फिर सख्त हो गए हैं. उन्होंने लास्ट वार्निंग देते हुए कहा है कि अगर ईरान जल्द ही शांति समझौता नहीं करेगा, तो अंजाम बुरा होगा. ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान जानबूझकर बातचीत को लंबा खींच रहा है और समझौते को अंतिम रूप देने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा. उन्होंने आगे कहा कि ईरान के पास एक अच्छा समझौता करने का मौका था. लेकिन उसने काफी देर कर दी और अब उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है.
ट्रंप बोले- ईरान पर बड़ा हमला करेंगे
मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान पर बहुत बड़ा हमला करेगा. उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने एक दिन पहले भी ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया था और जरूरत पड़ने पर आगे भी कार्रवाई कर सकती है. ट्रंप के इस बयान ने दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है. क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही तनावपूर्ण माहौल है.
दूसरी तरफ ईरान ने भी दिखाई सख्ती
दूसरी ओर, ईरान ने भी अमेरिका के साथ कूटनीतिक बातचीत को लेकर अपना रुख सख्त अपनाया है. तेहरान ने कहा है कि वह वाशिंगटन के साथ अपने राजनयिक संबंधों और बातचीत की प्रक्रिया की समीक्षा करेगा. ईरानी अधिकारियों का कहना है कि हाल के अमेरिकी हमलों के बाद हालात बदल गए हैं और अब आगे की रणनीति पर नए सिरे से विचार किया जाएगा. इससे दोनों देशों के बीच तनाव कम होने की उम्मीद फिलहाल कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है.
ड्रोन और मिसाइल हमलों से बढ़ा टकराव
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब ईरान ने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए. ईरान ने इसे अमेरिकी कार्रवाई का जवाब बताया. वहीं अमेरिका का दावा है कि इससे पहले ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Crisis) के पास एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया था. इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां और तेज हो गईं. लगातार हो रहे जवाबी हमलों ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है.
सीजफायर के बाद से बड़ा तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि अप्रैल 2026 में हुए युद्धविराम समझौते के बाद यह अमेरिका और ईरान के बीच सबसे बड़ा तनावपूर्ण दौर है. दोनों देशों के बीच हालिया सैन्य कार्रवाई ने मिडिल ईस्ट में एक बार फिर बड़े संघर्ष की आशंका को जन्म दे दिया है. वैश्विक समुदाय भी इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि अगर तनाव और बढ़ता है तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है.
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