फिर फूटा ट्रंप का टैरिफ बम! ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर 25% टैक्स, जानिए भारत पर होगा क्या असर?

Written By: Gaurav Barar Updated by: Gaurav Barar
Updated Date:January 13, 2026 6:44 AM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे कठोर आर्थिक कार्रवाई करते हुए वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान में आंतरिक अशांति और विरोध प्रदर्शन चरम पर हैं.

Trump Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने आक्रामक रुख से पूरी दुनिया को चौंका दिया है. ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के लिए ट्रंप ने एक बड़ी घोषणा की है, जिसके तहत ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश पर अमेरिका 25 फीसदी का भारी-भरकम टैरिफ लगाएगा.

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यह फैसला न केवल ईरान की अर्थव्यवस्था पर चोट करने के लिए है, बल्कि उन देशों के लिए भी एक कड़ी चेतावनी है जो ईरान के साथ आर्थिक संबंध बनाए हुए हैं. इस बड़े फैसले की जानकारी ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' के जरिए दी.

आदेश तत्काल प्रभाव से लागू

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आदेश फाइनल है और तत्काल प्रभाव से लागू होगा. ट्रंप का संदेश साफ था या तो आप अमेरिका के साथ व्यापार करें, या ईरान के साथ. 25 फीसदी का यह अतिरिक्त शुल्क अमेरिका के साथ होने वाले सभी व्यापारिक लेन-देन पर लागू होगा, जिससे प्रभावित देशों के लिए अमेरिकी बाजार में बने रहना बेहद महंगा और चुनौतीपूर्ण हो जाएगा.

ईरान में हो रहे हैं प्रदर्शन

ट्रंप का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान के भीतर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के कारण स्थिति बेहद तनावपूर्ण है. व्हाइट हाउस ने संकेत दिए हैं कि वे ईरान पर लगाम लगाने के लिए सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, जिसमें सैन्य कार्रवाई या एयरस्ट्राइक तक शामिल हो सकती है.

हालांकि, इस फैसले का असर केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा. ईरान के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में भारत, चीन, तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश शामिल हैं. इन देशों के लिए अब एक बड़ी कूटनीतिक दुविधा खड़ी हो गई है. यदि ये देश ईरान से तेल या अन्य सामान खरीदना जारी रखते हैं, तो उन्हें अमेरिका को भारी कर चुकाना होगा, जिससे उनकी अपनी अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ सकता है.

ट्रंप ने किया प्रदर्शनकारियों का समर्थन

इस कड़े फैसले के पीछे ईरान में चल रहे हिंसक विरोध प्रदर्शन भी एक प्रमुख कारण हैं. रिपोर्टों के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों में प्रदर्शनों के दौरान लगभग 600 लोगों की मौत हो चुकी है. 10,670 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है. ट्रंप ने खुले तौर पर प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है और ईरान सरकार को हिंसा बंद न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है.

ईरान की प्रतिक्रिया क्या है?

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इन प्रदर्शनों और अमेरिकी प्रतिबंधों के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने ट्रंप को अपने आंतरिक मामलों पर ध्यान देने की सलाह दी है.

ट्रंप ने हालांकि इस बात का विस्तार से विवरण नहीं दिया है कि ये टैरिफ कैसे वसूला जाएगा या क्या किसी मित्र देश को इसमें कोई विशेष छूट मिलेगी. स्पष्टता के अभाव में वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल है. यह कदम आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान संबंधों को और भी अधिक खतरनाक मोड़ पर ले जा सकता है.

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