नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच उपजे हालात को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति ने चिंता जताई है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों के बीच वर्तमान हालात को खतरनाक बताया है. राष्ट्रपति ने कहा कि भारत ने इस हमले में करीब 50 जवानों को खोया है और वह बहुत सख्त कदम उठाने की सोच रहा है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका दोनों देशों के संपर्क में है और उन्हें उम्मीद है कि कश्मीर घाटी में जल्द ही शांति लौटेगी.

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, भारत और पाकिस्तान के बीच जो कुछ भी चल रहा है वह बहुत खतरनाक है. यह बहुत ही खराब स्थिति है. यह दोनों देशों के बीच हालात बहुत खराब हैं. हम इसे रोकना चाहेंगे. बहुत से लोग मारे गए हैं. ट्रंप ने कहा कि भारत कुछ बड़ा करने की सोच रहा है. भारत ने लगभग 50 जवानों को खोया है. कश्मीर में जो कुछ हुआ उसकी वजह से दोनों देशों के बीच कई समस्याएं पैदा हो गई हैं. यह बहुत खतरनाक है.

वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को एक पत्र लिखा है जिसमें भारत पर क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप लगाया गया है. विदेश मंत्रालय (एफओ) ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर यह जानकारी दी. यह कदम ऐसे में उठाया गया है जब एक दिन पहले ही संयुक्त राष्ट्र की शक्तिशाली संस्था ने पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का नाम लेकर जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकवादी संगठन द्वारा किए गए ‘‘जघन्य’’ हमले की कड़ी निंदा की थी.उन्होंने यह भी कहा कि भारत बिना किसी सबूत के पुलवामा हमले के लिए पाकिस्तान पर आरोप लगा रहा है.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को कहा कि सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले के लिए जिम्मेदार पाकिस्तान के खिलाफ निर्णायक लड़ाई जीतने के लिए भारत सभी कूटनीतिक या अन्य उपायों का इस्तेमाल करेगा. पाकिस्तान को ‘दुष्ट देश’ करार देते हुए जेटली ने कहा कि यह हमले के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है, जबकि दोषियों ने स्वयं हमले की जिम्मेदारी ली है और वे इसका श्रेय ले रहे हैं. दूसरी ओर पाकिस्तानी सेना ने शुक्रवार को कहा कि उनका देश युद्ध नहीं चाहता. उसने भारत को चेतावनी दी कि अगर कोई भी आक्रामक सैन्य कदम उठाता है तो उसका ‘अप्रत्याशित’ जवाब दिया जाएगा.