वाशिंगटन| अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल विशेष काउंसल रॉबर्ट मुलर को बर्खास्त करने का आदेश दिया था, लेकिन जब व्हाइट हाउस के काउंसल ने इस्तीफे की धमकी दी तो वह पीछे हट गए. एक मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है. Also Read - Neera Tanden ने व्हाइट हाउस में Budget Chief के पद से अपना नामांकन वापस लिया

इससे एक दिन पहले ट्रंप ने कहा था कि वह राष्ट्रपति चुनाव में रूस के कथित हस्तक्षेप की जांच कर रहे विशेष काउंसल रॉबर्ट मूलर से अपने दायित्वों के तहत बात करने को इच्छुक हैं. Also Read - व्हाइट हाउस से विदाई के बाद पहले भाषण में डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर क्यों साधा निशाना, कहा...

ट्रंप विरोधियों का आरोप है कि रूसी हस्तक्षेप के कारण ही वह चुनाव जीत पाए, जबकि राष्ट्रपति अपने प्रचार अभियान और रूस के बीच किसी भी तरह की मिलीभगत की बात से इंकार करते हैं. Also Read - Neera Tanden: बाइडेन सरकार में भारतीय अमेरिकी नीरा टंडन की नियुक्ति का मामला लटका

समाचार पत्र न्यूयॉर्क टाइम्स ने खबर दी है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले साल जून में रॉबर्ट एस मूलर को हटाने का आदेश दिया था, लेकिन व्हाइट हाउस के काउंसल (डॉन मैकगान) ने धमकी दी कि वह इस आदेश पर अमल करने की जगह इस्तीफा देना पसंद करेंगे.

ट्रंप के निजी एटॉर्नी टाई कॉब ने टिप्पणी से इनकार किया है. भारतीय-अमेरिकी प्रमिला जयपाल ने इस कथित निर्णय को लेकर ट्रंप पर निशाना साधा है.