वाशिंगटन: आधुनिक रिएक्टरों के विकास में तेजी लाने के लिए एक नये कानून पर हस्ताक्षर करने के कुछ ही दिन बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऊर्जा मंत्रालय में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद पर एक शीर्ष भारतीय अमेरिकी परमाणु विशेषज्ञ पर भरोसा जताते हुए उन्हें इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त करने का फैसला किया है.

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सीनेट के अनुमोदन का इंतजार
ट्रंप ने रीता बरनवाल को ऊर्जा मंत्रालय में सहायक ऊर्जा सचिव (परमाणु ऊर्जा) के तौर पर नामित करने की अपनी मंशा की घोषणा की है. बरनवाल फिलहाल गेटवे फॉर एक्सीलरेटेड इनोवेशन इन न्यूक्लियर (जीएआईएन) पहल में निदेशक के तौर पर काम कर रही हैं. अगर सीनेट से पुष्टि होती है तो सहायक ऊर्जा सचिव के तौर पर बरनवाल महत्वपूर्ण परमाणु ऊर्जा विभाग का नेतृत्व करेंगी. इससे पहले वह वेस्टिंगहाउस में प्रौद्योगिकी विकास एवं अनुप्रयोग की निदेशक के तौर पर काम कर चुकी हैं.

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वह बेशटेल बेटीस में पदार्थ प्रौद्योगिकी में प्रबंधक रह चुकी हैं. वहां उन्होंने अमेरिकी नौ-सैनिक रिएक्टरों के लिये परमाणु ऊर्जा में शोध एवं विकास की अगुवाई की. बरनवाल ने एमआईटी से पदार्थ विज्ञान एवं अभियांत्रिकी में बीए और मिशिगन विश्वविद्यालय से पीएचडी की पढ़ाई की है. वह एमआईटी के पदार्थ अनुसंधान प्रयोगशाला और यूसी बर्कले के परमाणु अभियांत्रिकी विभाग के सलाहकार बोर्ड में भी हैं. ट्रंप ने पिछले सप्ताह परमाणु ऊर्जा नवोन्मेष क्षमताएं अधिनियम पर हस्ताक्षर किया था. यह अमेरिका में आधुनिक रिएक्टरों के विकास में तेजी लाएगा. (इनपुट एजेंसी)